नई दिल्ली :- भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 28 मई को मॉस्को में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसेमंद संबंधों की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय हालात पर भी विचार साझा किए। यूक्रेन संकट, एशियाई सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और बदलते वैश्विक समीकरणों जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे।
सूत्रों के मुताबिक बातचीत में रक्षा उत्पादन, आधुनिक तकनीक और संयुक्त परियोजनाओं को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। भारत और रूस लंबे समय से रक्षा साझेदार रहे हैं और दोनों देश नई तकनीकों तथा सैन्य उपकरणों के विकास में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
रूस की ओर से अजीत डोभाल के लिए नेशनल स्पेस सेंटर और रोस्कोस्मोस जॉइंट इंडस्ट्री इन्फॉर्मेशन सेंटर का विशेष दौरा भी आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें रूस की अंतरिक्ष तकनीक, अनुसंधान परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी गई। माना जा रहा है कि अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति देने पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दुनिया तेजी से बदलते भू-राजनीतिक माहौल से गुजर रही है। ऐसे में भारत और रूस के बीच रणनीतिक संवाद दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। भारत लगातार अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाए रखते हुए विभिन्न वैश्विक शक्तियों के साथ रिश्तों को मजबूत कर रहा है। रूस के साथ यह उच्चस्तरीय बैठक उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।