Ujjain Mosque News: ‘मुसलमान इस देश का नागरिक है, घबराएगा नहीं’, उज्जैन मस्जिद विवाद पर मौलाना मुश्ताक मलिक का बयान

Ujjain Mosque News (हैदराबाद, 3 अक्टूबर): मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच हैदराबाद के मौलाना मुश्ताक मलिक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर मुसलमानों में चिंता है, लेकिन उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मुसलमान देश के नागरिक हैं और संविधान में विश्वास रखते हैं।

मौलाना मुश्ताक मलिक ने समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उज्जैन की घटना पर अपनी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद के सड़क की जद में आ रहे हिस्से को स्वयं हटाने की बात कही थी, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई को लेकर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने मस्जिद की ऐतिहासिक वास्तुकला को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

सड़क चौड़ीकरण को लेकर है विवाद

उज्जैन में शाही मस्जिद का विवाद सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा है। प्रशासन की योजना सड़क को चौड़ा करने के लिए मस्जिद के उस हिस्से को हटाने की थी, जो प्रस्तावित सड़क के अलाइनमेंट में आ रहा था। यह कार्रवाई सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों से जुड़े सड़क विकास कार्यों के संदर्भ में की जा रही है।

मस्जिद से जुड़े पक्ष की ओर से इस कार्रवाई का विरोध किया गया था। उनका कहना था कि धार्मिक स्थल के ऐतिहासिक और वास्तु महत्व को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण के लिए अन्य विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण को विकास कार्य का हिस्सा बताया गया है।

गृह मंत्रालय: तुर्किये से भारत लाया गया कथित ड्रग तस्करी सरगना नवप्रीत सिंह, अमित शाह ने बताया मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि

Ujjain Mosque News: प्रशासन और मुस्लिम पक्ष के बीच बनी थी सहमति

इस मामले में पहले प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद एक सहमति बनने की जानकारी सामने आई थी। उज्जैन के शहर काजी ने 28 सितंबर को कहा था कि मस्जिद के सड़क की जद में आने वाले छोटे हिस्से को मस्जिद से जुड़े लोग स्वयं हटाएंगे। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अनावश्यक रूप से मौके पर नहीं पहुंचने की अपील भी की थी।

इसके बावजूद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद तनाव की स्थिति बनी थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई।

मौलाना ने संविधान का दिया हवाला

मौलाना मुश्ताक मलिक ने अपने बयान में कहा कि मुसलमान संविधान में विश्वास रखते हैं और इसी संवैधानिक व्यवस्था के तहत देश में रहने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन का मुद्दा लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों से हटाने की कोशिश हो सकता है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक और सामाजिक आकलन है, जिसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

उज्जैन मस्जिद विवाद को लेकर प्रशासन, स्थानीय समुदाय और राजनीतिक नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। फिलहाल मामला सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक स्थल के हिस्से को हटाने और इससे जुड़े स्थानीय विरोध के संदर्भ में चर्चा में है। आने वाले समय में प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया से इस विवाद की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *