बिहार करंट हादसा (सीतामढ़ी, 3 अक्टूबर): बिहार के सीतामढ़ी जिले में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा सामने आया। बैरगनिया प्रखंड के अख्ता पश्चिमी चकवा पंचायत स्थित तकिया टोला में धान के खेत में बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से पति-पत्नी समेत तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य लोग भी करंट की चपेट में आकर घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक घटना शनिवार तड़के करीब चार बजे की है। बताया जा रहा है कि एक दंपती अपनी भैंस के लापता होने के बाद कुछ ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश में निकले थे। अंधेरा होने के कारण खेत में बिछे बिजली के तार दिखाई नहीं दिए। खेत में पहुंचते ही ग्रामीण करंट की चपेट में आ गए। हादसे में सलाम मंसूरी, उनकी पत्नी रुबैदा खातून और हसमत अंसारी की मौके पर ही मौत हो गई।
तीन ग्रामीण हुए घायल
घटना के दौरान उनके साथ मौजूद तीन अन्य ग्रामीण भी करंट की चपेट में आ गए। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी मिलने के बाद घायलों को बैरगनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। खेत में बिजली के तार किस तरह और किस उद्देश्य से लगाए गए थे, इसकी भी जांच की जा रही है।
बिहार करंट हादसा: खेत में मिले जंगली सूअरों के शव
घटनास्थल पर दो जंगली सूअरों के शव मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के आसपास बिजली का तार लगाया गया होगा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि तार में बिजली प्रवाहित की जा रही थी और यह व्यवस्था ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन गई।
हालांकि, तार किसने लगाया और उसमें बिजली का कनेक्शन किस तरह पहुंचा, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और बिजली विभाग की टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
कार्रवाई और मुआवजे की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए कब्जे में लिया है। वहीं, घायलों का इलाज जारी है।
प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खेत में बिजली के तार किस परिस्थिति में लगाए गए थे और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पुलिस और बिजली विभाग की कार्रवाई जारी है।