बेडवेटिंग उपचार (नई दिल्ली): बच्चों में नींद के दौरान अनजाने में बिस्तर गीला करने की समस्या यानी बेडवेटिंग को लेकर आयुष मंत्रालय के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (ITRA), जामनगर में किए गए एक चिकित्सकीय अध्ययन के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। अध्ययन में आयुर्वेदिक औषधि के साथ नियमित योगासन करने वाले बच्चों में केवल आयुर्वेदिक औषधि लेने वाले बच्चों की तुलना में बेडवेटिंग की समस्या में अधिक सुधार दर्ज किया गया।
ITRA के कौमारभृत्य विभाग की ओर से किए गए इस अध्ययन में 6 से 14 वर्ष की आयु के करीब 38 बच्चों को शामिल किया गया। अध्ययन आठ सप्ताह तक चला और बच्चों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को केवल आयुर्वेदिक औषधि दी गई, जबकि दूसरे समूह को उसी औषधि के साथ नियमित योगासन कराया गया।
अध्ययन में इस्तेमाल की गई आयुर्वेदिक औषधि को ‘मेध्य रसायन चूर्ण’ बताया गया है। इसमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय जैसे घटक शामिल थे। योग वाले समूह में सुबह और शाम चार योगासन—उत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन और शवासन—का अभ्यास कराया गया।
बेडवेटिंग उपचार: अध्ययन के अनुसार केवल आयुर्वेदिक औषधि लेने वाले समूह में बेडवेटिंग की आवृत्ति में करीब 38 प्रतिशत सुधार देखा गया। वहीं आयुर्वेदिक औषधि के साथ योगासन करने वाले समूह में करीब 70 प्रतिशत तक सुधार दर्ज किया गया। ITRA की रिपोर्ट में इस अंतर को संयुक्त उपचार पद्धति के संभावित लाभ के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।
शोध में बच्चों से जुड़े कुछ अन्य व्यवहारिक और मानसिक मानकों में भी सुधार की बात सामने आई। संयुक्त उपचार वाले समूह में स्मरणशक्ति में करीब 61 प्रतिशत सुधार और चिड़चिड़ेपन में करीब 66 प्रतिशत कमी रिपोर्ट की गई। वहीं अत्यधिक सक्रियता में करीब 71 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। अध्ययन में एकाग्रता और मनोबल से जुड़े संकेतकों में भी सकारात्मक बदलाव देखे गए।
बेडवेटिंग उपचार: शोधकर्ताओं के अनुसार बच्चों में बेडवेटिंग कई कारणों से जुड़ी हो सकती है। इसमें मूत्राशय नियंत्रण के साथ-साथ कुछ मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक पहलू भी भूमिका निभा सकते हैं। ITRA की निदेशक प्रो. डॉ. तनुजा नेसरी ने भी इस समस्या को संवेदनशीलता के साथ संबोधित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह अध्ययन आयुर्वेद और योग को एकीकृत तरीके से इस्तेमाल करने की संभावनाओं को सामने रखता है। हालांकि, अध्ययन का आकार सीमित था और इसके निष्कर्षों को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले आगे के शोध की आवश्यकता हो सकती है। बच्चों में बेडवेटिंग के लिए किसी भी उपचार, औषधि या योग अभ्यास को शुरू करने से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।