FD Rates 2026:नई दिल्ली। Fixed Deposit यानी FD में पैसा लगाने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का ताजा फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है। RBI ने 7 अक्टूबर 2026 को अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है। यह फरवरी 2023 के बाद पहली रेपो रेट बढ़ोतरी है। इस फैसले के बाद बैंकिंग सेक्टर में जमा और लोन की ब्याज दरों को लेकर हलचल बढ़ गई है।
FD निवेशकों को क्यों मिल सकती है राहत?
जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों के लिए फंड की लागत बढ़ सकती है। ऐसे माहौल में बैंकों को जमा आकर्षित करने के लिए FD पर ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत महसूस हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, RBI के इस कदम के बाद आने वाले समय में FD दरों में बढ़ोतरी की संभावना बनती है।
FD Rates 2026:हालांकि, RBI की रेपो रेट बढ़ोतरी अपने आप FD की ब्याज दर नहीं बढ़ाती। SBI, HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बैंक अपनी जरूरत, लिक्विडिटी और बाजार की प्रतिस्पर्धा के आधार पर FD दरों में बदलाव का फैसला करते हैं।
SBI, HDFC, ICICI और Axis की स्थिति
ताजा उपलब्ध दरों में बड़े बैंकों की FD ब्याज दरें अभी भी अलग-अलग हैं। रिपोर्ट के अनुसार SBI की अधिकतम FD दर करीब 6.45 प्रतिशत, HDFC Bank की 6.45 प्रतिशत, Axis Bank की 6.50 प्रतिशत और ICICI Bank की 6.30 प्रतिशत तक बताई गई है। ये दरें अवधि और ग्राहक की श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती हैं।
FD Rates 2026:HDFC Bank की आधिकारिक दर तालिका में भी अलग-अलग अवधि के लिए सामान्य और वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों की अलग ब्याज दरें दी गई हैं। उदाहरण के तौर पर बैंक की उपलब्ध दरों में 3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष 7 महीने तक की अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों को 6.50 प्रतिशत तथा वरिष्ठ नागरिकों को 7.10 प्रतिशत तक की दर दिखाई गई है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिल सकता है ज्यादा फायदा
आमतौर पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में FD पर अतिरिक्त ब्याज मिलता है। ऐसे में अगर बैंक आने वाले दिनों में जमा दरों में बढ़ोतरी करते हैं तो वरिष्ठ नागरिकों को भी इसका लाभ मिल सकता है। हालांकि वास्तविक फायदा बैंक की नई दर और चुनी गई FD अवधि पर निर्भर करेगा।
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
FD Rates 2026:अगर आप अभी FD कराने की योजना बना रहे हैं तो केवल ब्याज दर देखकर फैसला न लें। FD की अवधि, समय से पहले निकासी पर जुर्माना, ब्याज भुगतान का विकल्प, टैक्स और बैंक की मौजूदा दरों को जरूर देखें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद तुरंत सभी बैंकों की FD दरें बढ़ना जरूरी नहीं है।
कुल मिलाकर, RBI की 25 बीपीएस रेपो रेट बढ़ोतरी ने FD निवेशकों के लिए ब्याज दरों में सुधार की उम्मीद जरूर बढ़ा दी है। अब नजर SBI, HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बड़े बैंकों के अगले FD रेट संशोधन पर रहेगी।