भारत कनाडा संबंध: भारत और कनाडा के बीच संबंधों में हाल के महीनों में बढ़ते संवाद के बीच कनाडा ने भारत के लिए एक भरोसेमंद दीर्घकालिक साझेदार बनने की इच्छा जताई है। कनाडा सरकार ने IANS से बातचीत में कहा कि वह भारत के साथ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर पांचवें दौर की वार्ता भी इस सप्ताह जारी है।
CEPA वार्ता पर बढ़ा जोर
भारत और कनाडा ने CEPA वार्ता को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कनाडा के मुताबिक, मौजूदा दौर की बातचीत पहले हुई चर्चाओं और दोनों देशों के वाणिज्यिक संपर्कों में आई तेजी पर आधारित है।
कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच भी हाल में व्यापार समझौते को लेकर चर्चा हुई है। दोनों पक्षों का उद्देश्य ऐसा आर्थिक ढांचा तैयार करना है, जिससे दोनों देशों की कंपनियों और कामगारों के लिए नए अवसर पैदा हो सकें।
भारत कनाडा संबंध: ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की बड़ी संभावनाएं
कनाडा ने भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को द्विपक्षीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया है। कनाडा सरकार के अनुसार, भारत की ऊर्जा मांग 2035 तक करीब 70 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है और कनाडा इस क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग करना चाहता है।
कनाडा ने LNG, परमाणु ऊर्जा और अन्य ऊर्जा क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया है। मार्च 2026 में भारत और कनाडाई यूरेनियम कंपनी Cameco के बीच करीब 2.6 अरब डॉलर का समझौता हुआ था, जिसके तहत 2035 तक भारत की परमाणु ऊर्जा जरूरतों के लिए लगभग 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति का प्रावधान बताया गया है।
महत्वपूर्ण खनिज और एयरोस्पेस पर भी नजर
ऊर्जा के अलावा कनाडा भारत के साथ महत्वपूर्ण खनिजों और एयरोस्पेस क्षेत्र में भी अवसर देख रहा है। कनाडा सरकार ने कहा है कि भारत को आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में नए विमानों की जरूरत होगी और कनाडा की एयरोस्पेस इंडस्ट्री इस क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार है।
कनाडा की ओर से भारत के साथ आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाने की कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश से जुड़े संपर्क फिर बढ़ रहे हैं।
भारत कनाडा संबंध: 2030 तक 70 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कनाडाई सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार करीब 30.4 अरब डॉलर रहा। इसमें 13.6 अरब डॉलर का व्यापारिक वस्तुओं का कारोबार शामिल था।
भारत-कनाडा संबंधों में आर्थिक सहयोग के साथ सुरक्षा और राजनयिक संवाद भी आगे बढ़ रहा है। 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच कनाडा के वरिष्ठ राजनयिक एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार डेविड मॉरिसन ने भारत का दौरा किया। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
व्यापार मिशन भी भेजेगा कनाडा
कनाडा 12 से 17 अक्टूबर के बीच भारत में Team Canada Trade Mission भेजने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाना और नए कारोबारी अवसर तलाशना है।
इस बीच दोनों देशों के बीच CEPA वार्ता, ऊर्जा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज, एयरोस्पेस और सुरक्षा संवाद जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ी हैं। कनाडा का ताजा रुख भारत-कनाडा संबंधों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की मौजूदा कोशिशों को दर्शाता है।