Pakistan Army: बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा के बीच बड़ा फैसला
पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा के बीच वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चुनौती सामने आई है। IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स बलूचिस्तान (नॉर्थ) की ओर से रिटायर्ड सैनिकों को दोबारा सेवा में शामिल होने के लिए संपर्क करने को कहा गया है। इसके लिए 30 अक्टूबर तक की समयसीमा बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित संचार में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सभी सेवानिवृत्त जवानों के लिए वापस लौटना अनिवार्य है। साथ ही, वापसी के लिए कोई निश्चित आयु सीमा भी बताई गई नहीं है। जो पूर्व सैनिक दोबारा सेवा में शामिल होंगे, उन्हें उनकी पिछली सेवा अवधि के आधार पर वेतन दिए जाने की बात कही गई है।
बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर बढ़ा दबाव
IANS ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस कदम के पीछे बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों पर बढ़ता दबाव और कर्मियों की कमी एक कारण हो सकती है। रिपोर्ट में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA), बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों के हमलों का उल्लेख किया गया है।
पाकिस्तान में हिंसा पर जारी एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में देश में हिंसा से जुड़ी मौतों में पिछली तिमाही की तुलना में 83 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में रहा।
Pakistan Army: रिटायर्ड जवानों के अनुभव पर भरोसा
IANS की रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा है कि पूर्व सैनिकों को दोबारा शामिल करने के पीछे उनका पहले से प्रशिक्षित और सैन्य अनुभव होना भी एक वजह हो सकती है। ऐसे कर्मियों को नए सिरे से लंबे प्रशिक्षण की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम हो सकती है। हालांकि, रिटायर्ड सैनिकों की वास्तविक संख्या कितनी होगी और कितने लोग वापस सेवा में लौटेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों के सामने एक अन्य चुनौती कर्मियों का सेवा छोड़ना भी बताई गई है। अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि कुछ कर्मियों ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण सेवा छोड़ी या लापता हो गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से रिटायर्ड सैनिकों की वापसी को लेकर अंतिम संख्या या संभावित तैनाती का विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है। IANS के अनुसार, लौटने वाले कर्मियों की संख्या पर निर्भर करेगा कि उन्हें किन क्षेत्रों में तैनात किया जाता है। घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति पाकिस्तान के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है।