Drug Trafficking Case (जम्मू): जम्मू में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दो अलग-अलग मामलों में की गई जांच के दौरान मादक पदार्थों के साथ दो पिस्तौल भी बरामद की गईं। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास ये पदार्थ और हथियार कहां से आए थे और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल।
पुलिस की ये कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जम्मू-कश्मीर में नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जांच और गश्त बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ बरामद सामग्री के स्रोत का पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा।
मीरां साहिब इलाके में महिला गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, पहली कार्रवाई जम्मू के मीरां साहिब इलाके में बालोल नाके पर वाहन जांच के दौरान हुई। इस दौरान शमीम बेगम नाम की महिला को रोका गया। तलाशी लेने पर उसके दोपहिया वाहन से लगभग 15 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ मिलने की बात सामने आई।
पुलिस ने बताया कि महिला जम्मू-कश्मीर पुलिस में फॉलोअर के पद पर कार्यरत है। इस मामले में मादक पदार्थों से संबंधित कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस बरामद पदार्थ की जांच करने के साथ यह भी पता लगा रही है कि वह कहां से लाया गया था।
Drug Trafficking Case: दिगियाना में दो अन्य आरोपी पकड़े गए
दूसरी कार्रवाई दिगियाना औद्योगिक क्षेत्र में गश्त के दौरान की गई। पुलिस ने यहां वंश शर्मा और योगेश्वर सिंह नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों सांबा जिले के बड़ी ब्राह्मणा क्षेत्र के निवासी बताए गए।
पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान दोनों के पास से दो पिस्तौल और करीब 113 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ बरामद हुआ। इसके अलावा एक डिजिटल वजन मशीन भी मिली।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वंश शर्मा के पास से एक पिस्तौल, वजन मशीन और लगभग 100 ग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ मिला। वहीं, योगेश्वर सिंह के पास से एक अन्य पिस्तौल और करीब 13 ग्राम संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किया गया।
इस मामले में भी संबंधित कानूनों के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
Drug Trafficking Case: मादक पदार्थों के स्रोत का पता लगा रही पुलिस
तीनों आरोपियों से जुड़े मामलों में पुलिस अब बरामद सामग्री के स्रोत और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मादक पदार्थ किसी स्थानीय नेटवर्क से जुड़े हैं या इन्हें बाहर से लाया गया था।
पुलिस के लिए यह जानना भी जरूरी है कि बरामद हथियार कहां से आए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता के बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी युवाओं और समाज की सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। पुलिस की ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करना।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और बरामद सामग्री से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।
सोर्स: PTI (Press Trust of India)