Gold ETF: सितंबर में सोने से जुड़े निवेश उत्पादों की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ETF में महीने के दौरान ₹4,451 करोड़ का शुद्ध निवेश हुआ। अगस्त में यह रकम ₹2,597 करोड़ के करीब थी। यानी एक महीने में निवेश लगभग 71.4 प्रतिशत बढ़ गया।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय दर्ज हुई है, जब म्यूचुअल फंड उद्योग की सभी श्रेणियों को मिलाकर सितंबर में कुल शुद्ध निकासी हुई। इसके बावजूद गोल्ड ETF में पैसा आने का सिलसिला जारी रहा। इससे पता चलता है कि निवेशकों ने महीने के दौरान सोने से जुड़े फंड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। हालांकि, केवल निवेश का आंकड़ा यह नहीं बताता कि हर निवेशक ने सोना खरीदने का फैसला क्यों लिया।
नौ महीने में पिछले साल का आंकड़ा पार
Gold ETF: गोल्ड ETF के लिए 2026 के पहले नौ महीने भी मजबूत रहे। जनवरी से सितंबर के बीच इस श्रेणी में कुल शुद्ध निवेश करीब ₹45,925 करोड़ पहुंच गया। पूरे 2025 में गोल्ड ETF में लगभग ₹42,961 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था।
इस तरह 2026 के केवल नौ महीनों में ही पिछले पूरे साल का आंकड़ा करीब ₹2,964 करोड़ से पार हो गया। निवेश के ये आंकड़े फंड में आए और निकाले गए पैसे का अंतर दिखाते हैं; इन्हें सोने की कीमत में हुई बढ़ोतरी या निवेशकों के कुल मुनाफे के बराबर नहीं समझना चाहिए।
सिल्वर ETF में भी बढ़ी रकम
Gold ETF: सोने के साथ चांदी से जुड़े ETF में भी सितंबर के दौरान निवेश बढ़ा। आंकड़ों के अनुसार, सिल्वर ETF में करीब ₹1,974 करोड़ का शुद्ध निवेश आया, जबकि अगस्त में यह रकम लगभग ₹1,271 करोड़ थी। महीने-दर-महीने आधार पर इसमें करीब 55.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
फिर भी सितंबर में गोल्ड ETF में आया निवेश सिल्वर ETF से काफी ज्यादा रहा। दोनों फंड की कीमतें संबंधित धातुओं के बाजार भाव से प्रभावित होती हैं और उनमें उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।
Gold ETF में निवेश कैसे होता है?
Gold ETF: Gold ETF के जरिए निवेशक एक्सचेंज पर फंड की यूनिट खरीद सकते हैं। इसकी कीमत सोने के भाव से जुड़ी होती है, इसलिए निवेशक को सोने के गहने या सिक्के खरीदकर रखने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इसके लिए आम तौर पर डीमैट और ट्रेडिंग खाते की जरूरत पड़ती है।
निवेश करने से पहले फंड का खर्च, कीमत और सोने के भाव के साथ उसके प्रदर्शन में आने वाले अंतर को समझना जरूरी है। गोल्ड ETF भी बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होता है, इसलिए इसमें पैसा लगाने पर मुनाफे की गारंटी नहीं है।
(डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखें।)