नई दिल्ली :- देश में चिकित्सा शिक्षा को अधिक मानकीकृत और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए National Medical Commission (NMC) ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने सभी पोस्ट ग्रेजुएट (PG) डिप्लोमा मेडिकल कोर्स को चरणबद्ध तरीके से बंद करने और उनकी जगह MD (Doctor of Medicine) तथा MS (Master of Surgery) जैसे डिग्री आधारित विशेषज्ञता पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
NMC के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 PG डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश का अंतिम वर्ष होगा। इसके बाद इन कोर्सों में नए प्रवेश नहीं लिए जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों को मौजूदा डिप्लोमा सीटों को MD और MS सीटों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी और सभी स्नातकोत्तर मेडिकल पाठ्यक्रमों में एकरूपता आएगी। अभी तक कई विषयों में PG डिप्लोमा और MD/MS दोनों तरह के कोर्स संचालित होते थे, जिससे योग्यता और प्रशिक्षण अवधि में अंतर देखने को मिलता था।
NMC का कहना है कि डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने से छात्रों को अधिक व्यापक प्रशिक्षण मिलेगा और उन्हें करियर में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। प्रवेश प्रक्रिया पहले की तरह NEET-PG के माध्यम से ही जारी रहेगी।
मुख्य बातें:
- PG डिप्लोमा मेडिकल कोर्स बंद करने का फैसला।
- 2026-27 बैच होगा अंतिम प्रवेश सत्र।
- डिप्लोमा सीटों को MD/MS सीटों में बदला जाएगा।
- मेडिकल शिक्षा में एकरूपता और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर।
- NEET-PG के जरिए ही होगा प्रवेश।