लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- यूपी में गांववालों को आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र या जमीन की खतौनी के लिए अब तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर राजस्व परिषद ने राज्य में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
1 जुलाई से सूबे के सभी लेखपाल अब ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे। राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी किया है कि वे लेखपालों के बैठने का रोस्टर (ड्यूटी चार्ट) तुरंत तैयार कर इस नई व्यवस्था को लागू करें।