पटना (बिहार):- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी को तीन नहीं बल्कि कुल पांच गोलियां लगी थीं और सभी गोलियां शरीर के निचले हिस्से में लगी थीं। इस खुलासे के बाद मामले को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं।
इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि मामले की न्यायिक जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार पहले ही मामले से जुड़े कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर चुकी है और न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ और क्या पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। वहीं, पीड़ित परिवार लगातार आरोप लगा रहा है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। इन आरोपों की सच्चाई अब न्यायिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।