नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने मालदा मंडल के 20 स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (Electronic Interlocking) सिस्टम लगाने को मंजूरी दे दी है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य सिग्नलिंग प्रणाली को आधुनिक बनाना, ट्रेनों के संचालन को अधिक सुरक्षित करना और परिचालन क्षमता में सुधार लाना है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के लागू होने से सिग्नल और पॉइंट्स का संचालन स्वचालित एवं अधिक विश्वसनीय होगा, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए ट्रेन संचालन अधिक सुचारु होगा, ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार आएगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। इसके अलावा भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने में भी यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क का आधुनिकीकरण कर रहा है। कवच, आधुनिक सिग्नलिंग, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग जैसी तकनीकों के जरिए रेलवे सुरक्षा और परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।