सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। सीतापुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक कार्यालय को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह भवन नजूल भूमि पर बनाया गया था और इसे लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था।
जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2005 को नगर पालिका द्वारा टाउन हॉल परिसर की भूमि कार्यालय निर्माण के लिए आवंटित की गई थी। हालांकि, आवंटन के तुरंत बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया। मामले की जांच और आपत्तियों के बाद 14 अप्रैल 2005 को भूमि आवंटन रद्द कर दिया गया था।
इसके बाद मामला प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरता रहा। जिला अधिकारी (डीएम) न्यायालय में सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। सुनवाई के बाद कार्यालय को खाली करने और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश जारी किया गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, आदेश के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से इसे राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह न्यायालय और राजस्व अभिलेखों के आधार पर की गई कार्रवाई है।
अधिकारियों का दावा है कि संबंधित भूमि सरकारी नजूल संपत्ति थी और आवंटन निरस्त होने के बाद वहां किसी भी प्रकार का निर्माण वैध नहीं माना जा सकता था। इसी आधार पर भवन हटाने की कार्रवाई की गई।
यह मामला एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सरकारी भूमि, नजूल संपत्तियों और अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहे अभियानों की चर्चा का केंद्र बन गया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।