नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 की ट्रॉफी एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब 5 किलोग्राम 18 कैरेट सोने से बनी इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी की अनुमानित कीमत में पिछले विश्व कप की तुलना में दोगुने से अधिक का इजाफा हुआ है। सोने की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के चलते इसकी मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 20 से 22 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
फीफा विश्व कप ट्रॉफी की कुल ऊंचाई 36.8 सेंटीमीटर और वजन 6.175 किलोग्राम है। इसमें लगभग 4.9 से 5 किलोग्राम शुद्ध 18 कैरेट सोना इस्तेमाल किया गया है। ट्रॉफी के निचले हिस्से में दो परतों वाली मैलाकाइट (Malachite) पत्थर की सजावट की गई है, जो इसे और आकर्षक बनाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रॉफी का वास्तविक मूल्य केवल उसमें इस्तेमाल हुए सोने से नहीं, बल्कि उसके ऐतिहासिक महत्व और वैश्विक प्रतिष्ठा से भी तय होता है। यही कारण है कि इसकी सांकेतिक कीमत वास्तविक धातु मूल्य से कहीं अधिक मानी जाती है।
फीफा के नियमों के मुताबिक, विश्व कप जीतने वाली टीम को ट्रॉफी स्थायी रूप से नहीं दी जाती। विजेता टीम को पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान असली ट्रॉफी सौंपी जाती है, लेकिन बाद में उसे फीफा को वापस करना होता है। इसके बदले विजेता देश को ट्रॉफी की स्वर्ण-मढ़ित प्रतिकृति (Gold-plated Replica) प्रदान की जाती है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण फीफा विश्व कप ट्रॉफी का आर्थिक मूल्य भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि खेल जगत में इसकी सबसे बड़ी पहचान दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल ट्रॉफी के रूप में ही बनी हुई है।