नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहली बार पूर्ण स्तर पर वृक्ष गणना (ट्री सेंसस) कराई जाएगी। इस महत्वाकांक्षी अभियान के लिए केंद्र सरकार ने 2.9 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसका उद्देश्य राजधानी में मौजूद पेड़ों की वास्तविक संख्या, उनकी प्रजातियों, स्वास्थ्य स्थिति और हरित आवरण का वैज्ञानिक आकलन करना है।
अधिकारियों के अनुसार, वृक्ष गणना के दौरान दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद पेड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक, जीआईएस मैपिंग और भौगोलिक सूचना प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक पेड़ का सटीक विवरण दर्ज किया जा सके।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से दिल्ली के हरित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और भविष्य की पर्यावरणीय नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, वृक्षों के संरक्षण, नए पौधारोपण और शहरी विकास योजनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वृक्ष गणना के माध्यम से यह भी पता लगाया जाएगा कि राजधानी के किस क्षेत्र में हरित आवरण अधिक है और किन इलाकों में वृक्षारोपण की आवश्यकता है। इसके अलावा बीमार, क्षतिग्रस्त या संरक्षण की जरूरत वाले पेड़ों की पहचान भी की जाएगी।
दिल्ली में बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच इस अभियान को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सटीक आंकड़ों के आधार पर हरित क्षेत्रों के संरक्षण और विस्तार के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकेगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, वृक्ष गणना पूरी होने के बाद तैयार रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और शहरी हरियाली बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।