पेट्रोल-डीजल के विकल्प की ओर भारत का बड़ा कदम, 100% एथेनॉल फ्यूल को मिली मंजूरी

नई दिल्ली। भारत सरकार ने वैकल्पिक और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा फैसला लेते हुए वाहनों में 100 प्रतिशत एथेनॉल (E100) ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि E100 फ्यूल को कानूनी मान्यता देने वाली आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

 

सरकार का मानना है कि यह कदम देश की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है, जिससे किसानों को भी अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

नितिन गडकरी के अनुसार, टोयोटा, सुजुकी, हुंडई और एमजी जैसी कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में ऐसे वाहन बाजार में उतार सकती हैं जो 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने में सक्षम होंगे। हालांकि, इसके लिए विशेष फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों की आवश्यकता होगी, क्योंकि सामान्य पेट्रोल वाहन सीधे E100 ईंधन का उपयोग नहीं कर सकते।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल आधारित ईंधन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित ऊर्जा मिशन को मजबूती मिलेगी। साथ ही, देश में बायोफ्यूल आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

 

सरकार पहले ही E20 और E85 जैसे एथेनॉल मिश्रित ईंधनों को बढ़ावा दे चुकी है। अब E100 को मंजूरी मिलने के बाद भारत स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में एक नए दौर की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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