Maharashtra Analog Paneer Ban: महाराष्ट्र में एक साल के लिए एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध, जानिए सरकार ने क्यों लिया यह फैसला

Maharashtra Analog Paneer Ban :- महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में एनालॉग (नॉन-डेयरी) पनीर के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट व धोखाधड़ी पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।

एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं बनाया जाता, बल्कि इसे वनस्पति तेल, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य कृत्रिम सामग्री से तैयार किया जाता है। देखने और स्वाद में यह सामान्य पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसकी पौष्टिकता काफी कम होती है। जांच में यह भी सामने आया कि कई होटल, रेस्तरां और खानपान प्रतिष्ठान इसे असली पनीर बताकर ग्राहकों को परोस रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं के साथ धोखा हो रहा था।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अनुसार, हाल की जांच में बड़ी संख्या में पनीर के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसी के बाद राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे राज्य में एक वर्ष के लिए इस उत्पाद पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। महाराष्ट्र ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है।

सरकार ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्तरां, कैटरिंग संस्थान या अन्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, जेल और गंभीर मामलों में कठोर दंड का भी प्रावधान है।

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