नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नए नियम के तहत दिल्ली में पंजीकृत सभी कमर्शियल वाहनों को अब अपनी फिटनेस जांच राजधानी में ही करानी होगी। इसके लिए शहर में नौ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित किए जाएंगे।
परिवहन विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है। ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर वाहनों की जांच कंप्यूटराइज्ड प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और जांच की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दिल्ली में पंजीकृत कमर्शियल वाहन अन्य राज्यों में जाकर फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्धारित एटीएस केंद्रों पर ही परीक्षण कराना होगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। फिटनेस जांच के दौरान वाहनों के ब्रेक, सस्पेंशन, उत्सर्जन स्तर, हेडलाइट, स्टीयरिंग और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी।
परिवहन विभाग जल्द ही इन नौ ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी में है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कमर्शियल वाहन मालिकों को समय पर फिटनेस जांच कराकर प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग प्रणाली से सड़क पर चलने वाले असुरक्षित और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान आसान होगी, जिससे यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को लाभ मिलेगा।