नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार की पीएम-विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अब तक लगभग 70 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि विकसित भारत के संकल्प को गति मिल सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि रोजगार सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, बुनियादी ढांचा विकास, विनिर्माण, स्टार्टअप और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
सरकार के अनुसार, पीएम-विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, उद्योगों को प्रोत्साहन देना और युवाओं को रोजगार बाजार से जोड़ना है। योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्तियों और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन उपाय लागू किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसका लाभ रोजगार क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से युवाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने का आह्वान किया।
हालांकि, रोजगार के आंकड़ों को लेकर विपक्षी दल समय-समय पर सवाल उठाते रहे हैं और रोजगार सृजन के सरकारी दावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग करते रहे हैं। ऐसे में योजना से जुड़े आंकड़ों और उनके प्रभाव का मूल्यांकन विभिन्न सरकारी एवं स्वतंत्र संस्थानों के आंकड़ों के आधार पर आगे भी चर्चा का विषय बना रह सकता है। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन की गति को और तेज किया जाएगा, जिससे विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।