वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह लेबनान में सक्रिय अपने समर्थित प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाए। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयां जारी रहीं, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और अधिक सख्त तथा शक्तिशाली सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। अमेरिका लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ईरान क्षेत्र में विभिन्न सशस्त्र समूहों को समर्थन देकर अस्थिरता बढ़ाने का काम कर रहा है। विशेष रूप से लेबनान में सक्रिय संगठनों को लेकर वॉशिंगटन की चिंता लगातार बढ़ती रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार क्षेत्र में अपने हितों, सहयोगी देशों और सैनिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगियों को निशाना बनाने की कोशिश हुई, तो उसका जवाब पहले से भी अधिक कठोर होगा।
वहीं ईरान लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है और क्षेत्रीय घटनाओं के लिए अमेरिका तथा उसके सहयोगियों की नीतियों को जिम्मेदार ठहराता है। ट्रंप के ताजा बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का असर पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है। लेबनान, सीरिया और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें वॉशिंगटन और तेहरान की अगली रणनीति पर टिकी हैं। ट्रंप की सख्त चेतावनी ने संकेत दिया है कि अमेरिका क्षेत्र में किसी भी उकसावे या हमले के जवाब में आक्रामक रुख अपनाने के लिए तैयार है। वहीं, इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।