नई दिल्ली :- भारत और चीन के बीच सीमा मुद्दों को लेकर बीजिंग में महत्वपूर्ण आधिकारिक स्तर की वार्ता हुई। दोनों देशों ने बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया है।
संयुक्त बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने माना कि सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के प्रयासों से द्विपक्षीय संबंधों को धीरे धीरे सामान्य बनाने की दिशा में प्रगति संभव हुई है। यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब पिछले कुछ वर्षों में सीमा तनाव के कारण दोनों देशों के रिश्तों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला था।
बैठक में सीमा प्रबंधन विश्वास बहाली और सैन्य तथा राजनयिक संवाद को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमा क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखना आपसी संबंधों के लिए बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में भारत और चीन के बीच संवाद बढ़ने से तनाव कम करने की कोशिशें तेज हुई हैं। दोनों देशों ने व्यापार आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क को भी धीरे धीरे सामान्य बनाने की दिशा में संकेत दिए हैं।
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में सीमा तनाव के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी दूरी आ गई थी। कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ताओं के बाद अब दोनों पक्ष तनाव कम करने और संवाद बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना केवल सुरक्षा ही नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी दोनों देशों के लिए अहम है। एशिया की दो बड़ी शक्तियों के बीच स्थिर संबंध क्षेत्रीय संतुलन पर भी असर डालते हैं। हालांकि सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है लेकिन बीजिंग में हुई ताजा वार्ता को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों ने भविष्य में भी बातचीत जारी रखने और आपसी विश्वास बढ़ाने पर सहमति जताई है।