Andhra Pradesh Farmers (विजयवाड़ा): आंध्र प्रदेश में सूखे और कृषि संकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) अध्यक्ष YS जगन मोहन रेड्डी को 26 सितंबर को विजयवाड़ा में होने वाली गोलमेज बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है। CPI नेताओं ने 24 सितंबर को ताडेपल्ली स्थित YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात कर उन्हें यह निमंत्रण दिया।
CPI के राज्य सचिव जी. ईश्वरैया के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जगन मोहन रेड्डी से मिला। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता के. रामकृष्ण, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अक्किनेनी वनजा और राज्य कार्यकारिणी सदस्य पी. हरिनाथ रेड्डी शामिल थे। बैठक के दौरान राज्य में सूखे की स्थिति और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। YSRCP के राज्य समन्वयक सज्जला रामकृष्ण रेड्डी भी इस दौरान मौजूद रहे।
Andhra Pradesh Farmers: CPI नेता ईश्वरैया ने कहा कि पार्टी किसान संगठनों के साथ मिलकर सूखे के मुद्दे को उठा रही है। उन्होंने बताया कि इसी अभियान के तहत जगन मोहन रेड्डी को भी गोलमेज बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। उनके मुताबिक, जगन ने लोगों से जुड़े मुद्दों पर होने वाले आंदोलनों में शामिल होने के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
CPI ने राज्य में मौजूदा सूखे की स्थिति को गंभीर बताया है। ईश्वरैया के अनुसार, सरकार जहां 65 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खेती होने की बात कह रही है, वहीं उनके मुताबिक वास्तविक खेती करीब 50 लाख एकड़ में ही हुई है। उन्होंने सूखे की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी उठाई और किसानों को राहत देने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि हाल की बारिश से भूजल स्तर में सुधार हो सकता है, लेकिन इससे पूरी खेती की स्थिति सामान्य नहीं होगी। ये आंकड़े और आकलन CPI की ओर से बताए गए हैं।
इससे पहले YS जगन मोहन रेड्डी भी राज्य में सूखे जैसी स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। 18 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने दावा किया था कि राज्य के 688 में से 628 मंडल सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। हालांकि, यह आंकड़ा और इसके आधार पर लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं।
Andhra Pradesh Farmers: CPI ने सूखे के साथ-साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और DSC से जुड़े मुद्दों पर भी जगन से समर्थन मांगा है। ईश्वरैया ने कहा कि आजीविका के लिए दूसरे स्थानों पर गए लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का विरोध किया जाना चाहिए। DSC मामले में CPI ने कथित अनियमितताओं की जांच और विपक्ष की ओर से उठाई जा रही CBI जांच की मांग का समर्थन करने की बात कही।
26 सितंबर की प्रस्तावित गोलमेज बैठक में सूखे की स्थिति, किसानों की समस्याओं और राहत उपायों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में किसान संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।