Gade Sai Krishna Death Case: हिरासत में मौत या मर्डर? FIR में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र पुलिस को घेरा

Grade Sai Krishna Death Case (नई दिल्ली ):- आंध्र प्रदेश के बहुचर्चित गाडे साईं कृष्णा की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने हाथ में ले लिया है और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में चल रही सभी कार्यवाहियों पर तत्काल रोक लगा दी है।

तीन जजों की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए आंध्र प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Grade Sai Krishna Death Case: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र पुलिस से पूछे 3 बड़े सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र पुलिस से तीखे सवाल पूछे हैं, जिसका जवाब देना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है।

1. FIR में देरी क्यों हुई? कोर्ट ने पूछा कि जब साईं कृष्णा की हिरासत में मौत हुई तो FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई? क्या पुलिस ने पहले मामले को दबाने की कोशिश की?

2. मजिस्ट्रेट के सामने पेश क्यों नहीं किया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के मुताबिक किसी भी आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। साईं कृष्णा को क्यों नहीं पेश किया गया?

 

3. CCTV फुटेज कहां गई? कोर्ट ने सबसे गंभीर सवाल CCTV फुटेज को लेकर पूछा। पुलिस थाने की CCTV फुटेज डिलीट होने की बात सामने आई है, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और पूछा कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ क्यों की गई?

Gade Sai Krishna Murder Case

Grade Sai Krishna Death Case: सीलबंद लिफाफे में रिकॉर्ड जमा करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार को आदेश दिया है कि इस केस से जुड़े सभी दस्तावेज, केस डायरी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड 30 सितंबर तक सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में जमा किए जाएं। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ हुई तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

कोर्ट ने अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को तय की है। तब तक हाई कोर्ट में कोई सुनवाई नहीं होगी।

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Grade Sai Krishna Death Case: क्या है गाडे साईं कृष्णा मामला?

गाडे साईं कृष्णा आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। उन्हें कुछ हफ्ते पहले पुलिस ने एक मामले में हिरासत में लिया था। परिवार का आरोप है कि थाने में पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं पुलिस का दावा था कि हिरासत के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय मौत हुई।

परिवार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद इसकी मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। इस फैसले के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं और इस केस में कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

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