Lata Mangeshkar: 6 लाइनें सुनते ही रो पड़े थे डायरेक्टर, 48 साल पुराना गाना जो बयां करता सौतन का दर्द

Lata Mangeshkar:- 8 दशक के अपने करियर में स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए हैं। उनके गानों में प्यार, दर्द, जुदाई हर एहसास मिलता है। लेकिन उनका एक गाना ऐसा भी है, जो आज से 48 साल पहले रिलीज हुआ था और जिसमें एक सौतन के दर्द को बयां किया गया है। इस गाने को सुनकर खुद निर्देशक की आंखों में आंसू आ गए थे और लता जी खुद भी काफी इमोशनल हो गई थीं।

Lata Mangeshkar: हम बात कर रहे हैं 1978 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ के टाइटल ट्रैक की। इस फिल्म में नूतन, आशा पारेख और विजय आनंद मुख्य भूमिका में थे। फिल्म का निर्देशन राज खोसला ने किया था। फिल्म की कहानी दो पत्नियों और एक पति के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां सौतन के रिश्ते को बड़े ही संवेदनशील तरीके से दिखाया गया था।

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Lata Mangeshkar: फिल्म का गाना ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की कोई नहीं’ आज भी लोगों की जुबान पर है। इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी, जबकि इसे कंपोज किया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने और बोल लिखे थे आनंद बक्शी ने। बताया जाता है कि जब पहली बार लता जी ने इस गाने का मुखड़ा गाया था, तो राज खोसला स्टूडियो में ही रो पड़े थे।

Lata Mangeshkar: दरअसल इस गाने में एक ऐसी महिला के दर्द को दिखाया गया है, जो अपने पति की दूसरी शादी के बाद भी अपने घर को संभाले रखती है। समाज अक्सर सौतन को नकारात्मक नजर से देखता है, लेकिन इस गाने में सौतन के त्याग और दर्द को दिखाया गया। लता जी ने जब “मैं तुलसी तेरे आंगन की…” लाइन गाई, तो उनकी आवाज में इतना दर्द था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

Lata Mangeshkar: कहा जाता है कि रिकॉर्डिंग के दौरान लता मंगेशकर खुद भी इमोशनल हो गई थीं। उन्होंने राज खोसला से कहा था कि इस गाने के बोल सीधे दिल में उतरते हैं। राज खोसला ने एक इंटरव्यू में बताया था कि आनंद बक्शी ने जब इस गाने के बोल लिखे तो उन्हें लगा ही नहीं था कि यह इतना इमोशनल हो जाएगा, लेकिन लता जी की आवाज ने इसमें जान डाल दी।

Lata Mangeshkar: फिल्म ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ 1978 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म के लिए नूतन को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। फिल्म के सभी गाने हिट थे, लेकिन टाइटल ट्रैक सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ। आज 48 साल बाद भी जब यह गाना बजता है तो लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।

Lata Mangeshkar: लता मंगेशकर ने अपने करियर में 30 हजार से ज्यादा गाने गाए, लेकिन ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ उनके सबसे यादगार गानों में से एक माना जाता है। यह गाना आज भी शादियों, भजनों और कई टीवी शोज में सुना जाता है। यह गाना इस बात का सबूत है कि संगीत में अगर सच्चा दर्द हो, तो वह दशकों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहता है।

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