UAE India Relations: जल सुरक्षा पर भारत का वैश्विक फोकस, अफ्रीकी देशों और UAE के साथ सहयोग बढ़ाने की तैयारी; टिकाऊ जल प्रबंधन पर जोर

UAE India Relations (नई दिल्ली): जल सुरक्षा और टिकाऊ जल प्रबंधन को लेकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। अफ्रीकी साझेदारों और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ भारत का जुड़ाव जल संरक्षण, जलवायु अनुकूल प्रबंधन और टिकाऊ जल सेवाओं जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आबादी और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव के कारण दुनिया के कई हिस्सों में जल सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चुनौती बन रही है।

भारत में हाल ही में आयोजित 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक (IIWW) 2026 में भी जल सुरक्षा और जलवायु-लचीले प्रबंधन को प्रमुखता दी गई। 22 से 25 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘Climate Resilient Water Management’ रही। इसमें नीति-निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और जल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

अफ्रीकी देशों के साथ बढ़ रहा सहयोग

अफ्रीका के साथ भारत के विकास सहयोग में जल, कृषि, स्वच्छता और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण रहे हैं। भारत लंबे समय से अफ्रीकी देशों के साथ तकनीकी और विकास संबंधी अनुभव साझा करता रहा है। जलवायु परिवर्तन और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच जल प्रबंधन से जुड़े समाधान इस साझेदारी का एक अहम हिस्सा बन सकते हैं।

भारत की विदेश नीति में ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग को भी महत्व दिया जाता रहा है। आधिकारिक दस्तावेजों में विकासशील देशों के साथ टिकाऊ विकास, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े अनुभव साझा करने पर जोर दिया गया है।

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UAE India Relations: UAE के साथ भी जल क्षेत्र में संभावनाएं

भारत और UAE के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पहले से ही व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में जारी है। सितंबर 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद के बीच हुई बैठक में दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

UAE का अफ्रीका के साथ जल और स्वच्छता से जुड़ा सहयोग भी बढ़ रहा है। अफ्रीकी संघ आयोग और UAE ने 2026 को पानी और स्वच्छता पर केंद्रित वर्ष के संदर्भ में 2026 UN Water Conference को वैश्विक जल-लचीलापन बढ़ाने के अवसर के रूप में रेखांकित किया है। दोनों पक्षों ने अफ्रीका में ठोस और मापने योग्य जल-संबंधी पहलों पर सहयोग की बात कही है।

जलवायु परिवर्तन के बीच बढ़ी चुनौती

जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। अनियमित बारिश, लंबे सूखे, बाढ़, शहरीकरण और बढ़ती मांग के कारण जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ और तकनीक आधारित बनाने की जरूरत बढ़ रही है।

इसी संदर्भ में IIWW 2026 में जल सुरक्षा के लिए नवाचार, दक्षता, संस्थागत क्षमता और सामुदायिक भागीदारी पर चर्चा हुई। जल क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, बेहतर जल प्रबंधन प्रणालियों और स्थानीय स्तर पर समुदायों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत की ओर से अफ्रीकी साझेदारों और UAE के साथ जल सुरक्षा पर बढ़ता संवाद भविष्य में तकनीकी सहयोग, ज्ञान साझा करने और जलवायु-अनुकूल समाधानों के विकास का आधार बन सकता है। हालांकि, किसी भी नई पहल का वास्तविक प्रभाव उसके क्रियान्वयन, वित्तीय सहयोग और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान विकसित करने पर निर्भर करेगा।

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