CWC बैठक: खड़गे का केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप, बोले- 12 साल में लोकतंत्र की नींव को किया खोखला; चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

CWC बैठक (नई दिल्ली): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने लोकतंत्र की मजबूत नींव को कमजोर करने का काम किया है। खड़गे ने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी चिंता जताई।

खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना कांग्रेस की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और इससे योग्य मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और उन पर केंद्र सरकार के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। यह खड़गे का राजनीतिक आरोप है, जिसे कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाई जा रही व्यापक आपत्तियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पांच मांगें

खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें हैं। इनमें मतदाता सूची में होने वाले बड़े बदलावों से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करना, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें इसकी जानकारी और अपील का अवसर देना तथा राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और जरूरी संबंधित डेटा समय पर उपलब्ध कराना शामिल है।

उन्होंने गंभीर विसंगतियां सामने आने पर स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग भी रखी। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता बताई।

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CWC बैठक: SIR प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

खड़गे ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि SIR का फैसला किस स्तर पर लिया गया और दो चुनाव आयुक्तों को आंतरिक पोर्टल से बाहर रखने की वजह क्या थी। कांग्रेस पहले भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के सामने सवाल उठाती रही है।

खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को कमजोर करना नहीं, बल्कि उन्हें इतना मजबूत और विश्वसनीय बनाना है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उसके फैसलों पर भरोसा कर सकें।

2027 के विधानसभा चुनावों का भी जिक्र

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2027 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी योग्य मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों का भरोसा बना रहे।

खड़गे ने बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से मतदाता सूची में पारदर्शिता, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और संस्थाओं की स्वतंत्रता के मुद्दे को उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आम मतदाता का वोट सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है।

इस बीच, कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की बात कही है। वहीं, खड़गे के आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इनके संबंध में अलग-अलग पक्षों के दावों और चुनाव आयोग की प्रतिक्रियाओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

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