Asha Bhosle Banned Song (नई दिल्ली):- आशा भोसले को सुरों की मल्लिका ऐसे ही नहीं कहा जाता। 10 साल की उम्र से गाना शुरू करने वाली आशा ताई ने एक से बढ़कर एक गाने गाए, लेकिन 1971 में गाया उनका एक गाना ऐसा था जिसने उन्हें रातोंरात यूथ आइकन बना दिया, लेकिन सरकार ने उसे बैन कर दिया था।
Asha Bhosle Banned Song: कौन सा था वो गाना?
वो गाना था – दम मारो दम मिट जाए गम’। फिल्म थी देव आनंद की ‘हरे रामा हरे कृष्णा’। म्यूजिक RD Burman ने दिया था और लिरिक्स आनंद बख्शी ने लिखे थे। पर्दे पर जीनत अमान हिप्पी लुक में चिलम पीते हुए इस गाने पर झूम रही थीं।
आशा भोसले ने इस गाने में अपनी आवाज में ऐसा नशीला और साइकोडेलिक टच दिया कि गाना सुनते ही लोग झूम उठते थे। कहा जाता है कि इसमें उन्होंने अपनी सांसों को रोक-रोककर, breathy और husky अंदाज में गाया था, ताकि नशे का एहसास आए। यही स्टाइल बाद में ‘पिया तू अब तो आजा’ में भी दिखा, जिसे फिल्म स्कॉलर ने Helen-Bhosle कैबरे नंबर कहा।
Asha Bhosle Banned Song: क्यों हुआ था बैन?
गाने में खुलेआम चरस-गांजे का जिक्र और जीनत का चिलम पीना 1971 के भारत के लिए बहुत बोल्ड था। कई संगठनों ने कहा कि ये गाना युवाओं को नशे के लिए उकसाता है। इसके बाद All India Radio ने गाने को बैन कर दिया। दूरदर्शन पर जब फिल्म दिखाई जाती थी तो इस गाने को काट दिया जाता था।
खुद देव आनंद भी पहले इस गाने को फिल्म से हटाना चाहते थे। उन्हें डर था कि सेंसर बोर्ड ऐतराज करेगा। आशा भोसले खुद उनके घर गईं और कहा – ये गाना किसी भी कीमत पर रखना चाहिए।
Asha Bhosle Banned Song: बैन के बाद भी 12 हफ्ते नंबर 1
भारत में बैन होने के बाद भी गाना रुका नहीं। Radio Ceylon पर बिनाका गीतमाला में ये गाना लगातार 12 हफ्ते तक नंबर 1 पर रहा। बिनाका गीतमाला में 12 हफ्ते नंबर 1 रहने वाले गाने को ‘सरताज गीत’ कहा जाता था। 15 मार्च 1972 को दम मारो दम सरताज गीत बना था।
आशा भोसले ने 2003 में Rediff को दिए इंटरव्यू में कहा था – उन दिनों मुझे बहुत आलोचना झेलनी पड़ी। मेरा गाना दम मारो दम सरकार ने बैन कर दिया था। रेडियो पर नहीं बजता था।
आज 55 साल बाद भी ये गाना पार्टीज, रीमिक्स और iPhone 13 के एड तक में बजता है और इसे यूथ एंथम कहा जाता है।