Delhi HC INA Memorial PIL: लाल किले पर तिरंगा फहराने वाले वीरों का आज तक नहीं बना स्मारक, हाईकोर्ट ने भी फेरा मुंह

Delhi HC INA Memorial PIL (नई दिल्ली):- दिल्ली हाईकोर्ट ने लाल किले में इंडियन नेशनल आर्मी (INA) के शहीदों के लिए स्थायी स्मारक बनाने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह नीतिगत मामला है और याचिकाकर्ता केंद्र सरकार के पास जा सकता है।

Delhi HC INA Memorial PIL: क्या थी याचिका?

यह PIL महान स्वतंत्रता सेनानी ललती राम ट्रस्ट ने दाखिल की थी, जो हरियाणा के झज्जर में रजिस्टर्ड है। एडवोकेट नवीन बामेल और मानव त्रिवेदी ने याचिका दायर की थी। ट्रस्ट का नाम INA वीर ललती राम के नाम पर है, जिनका निधन मई 2021 में हुआ था।

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याचिका में कहा गया कि दिल्ली में 26,000 INA जवानों के लिए कोई स्मारक नहीं है, जबकि WW1 के लिए इंडिया गेट, 1971 के लिए अमर जवान ज्योति और स्वतंत्रता के बाद के शहीदों के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल है।

लाल किला इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि 1945 में INA अधिकारियों पर यहीं मुकदमा चला था। 2019 में लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम बना, लेकिन ट्रस्ट ने कहा कि म्यूजियम इतिहास को सहेजता है, जबकि मेमोरियल श्रद्धांजलि का स्थायी स्थान होता है।

Delhi HC INA Memorial PIL: सरकार ने 2021 में किया था वादा

ट्रस्ट की सबसे बड़ी दलील यह थी कि सरकार खुद हां कह चुकी है। 2 अगस्त 2021 को लोकसभा में संस्कृति मंत्रालय ने लिखित जवाब में कहा था कि उसने लाल किले में INA शहीद स्मारक के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह नेताजी की 125वीं जयंती की तैयारी का हिस्सा था।

21 अक्टूबर 2018 को PM मोदी ने आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर लाल किले पर तिरंगा फहराया था और कहा था कि यह अविभाजित भारत की पहली सरकार थी।

याचिका में कहा गया कि 5 साल बाद भी कोई स्मारक नहीं बना है।

Delhi HC INA Memorial PIL: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि स्मारक बनाना सरकार का नीतिगत फैसला है, इसमें ASI, संस्कृति और रक्षा मंत्रालय की हेरिटेज, सुरक्षा और संरक्षण मंजूरी लगती है। कोर्ट ने निर्माण का आदेश देने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि ट्रस्ट केंद्र को रिप्रेजेंटेशन दे सकता है और सरकार को तय समय में कारण सहित फैसला लेना चाहिए।

याचिका में कहा गया था कि INA वीरों की पीढ़ी खत्म हो रही है – 2019 में गणतंत्र दिवस पर परमानंद, ललती राम, हीरा सिंह और भागमल को सम्मानित किया गया था, जबकि जनवरी 2024 में लेफ्टिनेंट आर. माधवन को आखिरी जीवित INA वीर बताया गया था। अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है।

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