Tata Sons Restructuring (मुंबई): टाटा संस की प्रस्तावित शेयर बाजार लिस्टिंग को टालने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने पुनर्गठन की योजना सामने रखी है। प्रस्ताव के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (TESS) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) का टाटा संस के साथ विलय करने की बात कही गई है। टाटा ट्रस्ट्स का कहना है कि इस पुनर्गठन से टाटा संस की कारोबारी संरचना बदल सकती है और कंपनी को मौजूदा नियामकीय ढांचे से बाहर लाने में मदद मिल सकती है।
टाटा संस भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अपर-लेयर NBFC वर्गीकरण के तहत आता है। इस वर्गीकरण के कारण कंपनी पर लिस्टिंग से जुड़ी नियामकीय आवश्यकताएं लागू होती हैं। इससे पहले RBI ने टाटा संस की उस व्यवस्था से बाहर निकलने की कोशिश को मंजूरी नहीं दी थी, जिसके बाद कंपनी के सामने नियामकीय अनुपालन का मुद्दा बना हुआ है।
Tata Sons Restructuring: नोएल टाटा की ओर से प्रस्तावित योजना में दो ऑपरेटिंग कंपनियों को टाटा संस में शामिल करने की बात है। टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार इससे टाटा संस के पास पर्याप्त ऑपरेटिंग कारोबार और राजस्व आएगा। प्रस्तावित संयुक्त इकाई का 31 मार्च 2026 के आधार पर ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 1,05,043 करोड़ रुपये रहने का अनुमान बताया गया है।
इस योजना का उद्देश्य टाटा संस की आय और कारोबार की संरचना में बदलाव करना है। टाटा ट्रस्ट्स का तर्क है कि ऑपरेटिंग कारोबार का बड़ा हिस्सा होने से कंपनी की नियामकीय स्थिति बदल सकती है और वह NBFC या Core Investment Company की परिभाषा के दायरे से बाहर आ सकती है। हालांकि, इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित मंजूरियां ज रूरी होंगी।
Tata Sons Restructuring: नोएल टाटा ने कहा है कि वह चाहते हैं कि RBI इस प्रस्ताव पर समूह के साथ बातचीत करे और ऐसा समाधान निकले जिससे टाटा संस की लिस्टिंग की जरूरत न पड़े। उनके अनुसार सार्वजनिक लिस्टिंग से कंपनी में बाजार की निगरानी, खुलासे की आवश्यकताएं और अल्पांश शेयरधारकों की भूमिका बढ़ सकती है। ये नोएल टाटा द्वारा व्यक्त किए गए विचार हैं।
टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। टाटा संस टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और समूह की कई बड़ी कंपनियों में इसकी हिस्सेदारी है। ऐसे में कंपनी की भविष्य की संरचना का मुद्दा पूरे टाटा समूह के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के भीतर कंपनी के भविष्य और शासन व्यवस्था को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं। 30 सितंबर को ट्रस्टी वेंु श्रीनिवासन ने टाटा ट्रस्ट्स के प्रशासन और नोएल टाटा की भूमिका से जुड़े सवालों पर जांच की मांग की है। यह घटनाक्रम टाटा संस की पुनर्गठन योजना और लिस्टिंग के मुद्दे के बीच सामने आया है।
फिलहाल टाटा संस के पुनर्गठन का प्रस्ताव एक प्रक्रिया के चरण में है। इसके आगे बढ़ने के लिए टाटा संस के बोर्ड और RBI समेत संबंधित स्तरों पर आवश्यक मंजूरियों की जरूरत होगी। इसलिए प्रस्तावित पुनर्गठन के आधार पर लिस्टिंग टलना अभी निश्चित नहीं माना जा सकता।