गतिविधि आधारित शिक्षा (लखनऊ): उत्तर प्रदेश के PM SHRI स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक और अनुभव आधारित बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। प्रदेश के 586 PM SHRI स्कूलों में ‘Learning by Doing’ यानी करके सीखने की पद्धति को नई गति देने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों और कक्षा तक सीमित रखने के बजाय गतिविधियों और वास्तविक जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से सीखने का अवसर देना है।
PM SHRI स्कूलों की अवधारणा में भी अनुभवात्मक शिक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। केंद्र सरकार के PM SHRI कार्यक्रम के अनुसार, इन स्कूलों में विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रकार के सीखने के अनुभव उपलब्ध कराने और उन्हें अपनी सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर है।
करके सीखने पर रहेगा जोर
‘Learning by Doing’ के तहत बच्चों को विभिन्न विषयों से जुड़े व्यावहारिक कार्यों और गतिविधियों के माध्यम से अवधारणाओं को समझने का अवसर दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों में केवल जानकारी याद करने के बजाय उसे व्यवहार में समझने और लागू करने की क्षमता विकसित करने पर जोर रहता है।
विज्ञान, गणित, पर्यावरण, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और अन्य विषयों से जुड़ी गतिविधियों को बच्चों की उम्र और पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किया जा सकता है। इस तरह की गतिविधि आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और टीमवर्क जैसे कौशल विकसित करने में मदद करती है।
गतिविधि आधारित शिक्षा: PM SHRI स्कूलों में अनुभवात्मक शिक्षा
PM SHRI स्कूलों के लिए केंद्र सरकार की रूपरेखा में ‘Students Learning by Doing’ को अनुभवात्मक शिक्षा का हिस्सा बताया गया है। इसमें विद्यार्थी हाथों से काम करते हुए अलग-अलग विषयों की अवधारणाओं को समझते हैं। स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों को भी गतिविधियों के जरिए समझाने पर जोर दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश में भी गतिविधि आधारित और कौशलपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग पहल की जा रही हैं। प्रदेश के स्कूलों में बैगलेस डे के दौरान विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, कृषि और अन्य कौशल से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ने की योजना पहले ही लागू की गई है।
बच्चों को मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
Learning by Doing का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों को व्यावहारिक तरीके से समझाना है। उदाहरण के तौर पर पर्यावरण, खेती, ऊर्जा या स्वास्थ्य से जुड़ी अवधारणाओं को केवल पाठ्यपुस्तक में पढ़ाने के बजाय संबंधित गतिविधियों के माध्यम से समझाया जा सकता है।
इस पद्धति से बच्चों को अपनी जिज्ञासा के आधार पर सवाल पूछने, प्रयोग करने और परिणामों को समझने का अवसर मिलता है। इससे कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जाती है।
गतिविधि आधारित शिक्षा: PM SHRI स्कूलों को बनाया जा रहा मॉडल
PM SHRI योजना का उद्देश्य देशभर में ऐसे स्कूल विकसित करना है जहां सुरक्षित और प्रेरक वातावरण के साथ विद्यार्थियों को व्यापक सीखने के अनुभव मिलें। योजना में NEP 2020 की शिक्षण पद्धतियों को स्कूलों में व्यवहार में लाने, 21वीं सदी के कौशल विकसित करने और विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति पर ध्यान देने की बात कही गई है।
उत्तर प्रदेश में Learning by Doing को बढ़ावा देने की पहल इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। 586 PM SHRI स्कूलों में इस पद्धति को मजबूत किए जाने से बच्चों को विषयों को अधिक व्यावहारिक तरीके से समझने और अपनी सीख को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने के अवसर मिलने की उम्मीद है।