यरुशलम। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान हिज्बुल्लाह पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए उसके लड़ाकों के परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं, को हिरासत में लेने का सुझाव दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, बेन-गवीर ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने की वकालत की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ऐसे कदम भी उठाए जाने चाहिए जो संगठन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाएं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि यह एक मंत्री द्वारा कैबिनेट बैठक में दिया गया प्रस्ताव बताया जा रहा है। फिलहाल ऐसी किसी नीति को इजराइली सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से अपनाए जाने या लागू किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। हाल के सप्ताहों में सीमा पार हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
बेन-गवीर पहले भी लेबनान के खिलाफ अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई, बेरूत पर हमले और हिज्बुल्लाह के विरुद्ध सख्त कदमों की सार्वजनिक रूप से मांग करते रहे हैं। उनके ताजा बयान पर मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े प्रश्न उठने की संभावना जताई जा रही है।