नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए न्यूनतम जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी है। अब टिकट के बिना यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्रियों को कम से कम ₹500 का जुर्माना देना होगा। इससे पहले यह राशि ₹250 थी। नई व्यवस्था आज से प्रभावी हो गई है।
यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे नियमों में किए जा रहे संशोधनों का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य रेलवे परिसरों और ट्रेनों में अनुशासन बढ़ाना तथा नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही फेरी लगाने, सार्वजनिक उपद्रव और अन्य रेलवे नियमों के उल्लंघन पर भी अधिक कड़े आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर साल लाखों यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े जाते हैं, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है। पहले जहां न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क ₹250 था, अब इसे बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है, ताकि लोग नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित हों।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य खरीदें। रेलवे ने ऑनलाइन और मोबाइल टिकटिंग सुविधाओं का भी विस्तार किया है, जिससे टिकट खरीदना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
रेलवे का मानना है कि बढ़ा हुआ जुर्माना टिकटलेस यात्रा पर रोक लगाने और यात्रियों को बेहतर एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव देने में मददगार साबित होगा।