Gold Price 2027 (नई दिल्ली): सोने की कीमतों में सितंबर के दौरान आई गिरावट के बीच ICICI Bank ने कीमती धातु को लेकर मध्यम अवधि का अनुमान जारी किया है। बैंक की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के बाकी महीनों में सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर कुछ समय तक सीमित दायरे में रह सकती हैं। इसके बाद 2027 की पहली छमाही में सोने में फिर तेजी देखने को मिल सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 4,600 से 5,000 डॉलर प्रति औंस के दायरे तक पहुंच सकती है।
2026 में किस दायरे में रह सकता है सोना?
ICICI Bank ने अनुमान जताया है कि 2026 के बाकी हिस्से में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत 4,200 से 4,600 डॉलर प्रति औंस के बीच रह सकती है। बैंक के अनुसार, निकट अवधि में अमेरिकी वास्तविक बॉन्ड यील्ड, महंगाई से जुड़ी चिंताएं, तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर की मजबूती जैसे कारक सोने पर दबाव बनाए रख सकते हैं।
सितंबर में सोने की कीमतों में तेज करेक्शन देखने को मिला है। इससे पहले अगस्त में सोने में करीब 9 फीसदी की तेजी आई थी। इसके बाद अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बदले अनुमानों और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बीच सितंबर में कीमतों में लगभग 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
Gold Price 2027: 2027 में क्यों बढ़ सकती है कीमत?
ICICI Bank के मुताबिक, यदि अमेरिकी वास्तविक यील्ड में कमी आती है और डॉलर की मजबूती घटती है, तो सोने को निवेशकों से दोबारा समर्थन मिल सकता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, निवेश मांग और भू-राजनीतिक तथा वित्तीय अनिश्चितता से बचाव के लिए सोने की मांग भी इसकी कीमत को सहारा दे सकती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अगस्त में गोल्ड ETF में 17.8 अरब डॉलर का निवेश आया। वहीं तीसरी तिमाही में गोल्ड ETF की मांग 144.7 टन रही। चीन के केंद्रीय बैंक ने भी अगस्त में 20 टन सोना खरीदा, जो अक्टूबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद बताई गई है।
Gold Price 2027: भारत में भी महंगा रह सकता है सोना
भारत में सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के अलावा रुपये की चाल का भी असर पड़ता है। ICICI Bank ने 2026 के बाकी हिस्से में घरेलू सोने की कीमत 1.40 लाख से 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहने का अनुमान दिया है। हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण आभूषणों की मांग पर दबाव बना हुआ है, लेकिन शादी और त्योहारी सीजन की मांग अपेक्षाकृत मजबूत रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में भारत का सोना आयात घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जबकि जुलाई में यह 4.2 अरब डॉलर था। दूसरी ओर, इसी महीने भारतीय गोल्ड ETF में करीब 2,600 करोड़ रुपये का निवेश आया।
हालांकि, $5,000 प्रति औंस का स्तर ICICI Bank का अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। सोने की वास्तविक कीमत अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर, केंद्रीय बैंकों की खरीद, निवेश मांग और वैश्विक आर्थिक व भू-राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।