Election Commission (नई दिल्ली): मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार के काम की तारीफ करते हुए उन्हें पद्म भूषण देने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मांग पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री ही बना देना चाहिए।
शमिक भट्टाचार्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से CEC के काम का समर्थन किया जा रहा है।
शमिक भट्टाचार्य ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें कम से कम पद्म भूषण मिलना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान मतदाताओं को भयमुक्त माहौल मिलने और मतदान प्रक्रिया को लेकर अपनी राय रखी।
भट्टाचार्य ने मतदाता सूची को लेकर भी CEC की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने पश्चिम बंगाल को सीमावर्ती राज्य बताते हुए मतदाता सूची से कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की कार्रवाई का उल्लेख किया। यह उनके द्वारा किया गया राजनीतिक दावा है।
Election Commission: पवन खेड़ा ने साधा निशाना
भाजपा नेता की इस मांग पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार के काम को लेकर भाजपा इतनी प्रशंसा कर रही है, तो उन्हें प्रधानमंत्री ही बना देना चाहिए। कांग्रेस की ओर से इससे पहले भी चुनाव आयोग और CEC को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से SIR तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर आलोचना की गई है। वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं और फैसलों का बचाव करता रहा है। ऐसे में ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बन गई है।
SIR को लेकर पहले से जारी है विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना रहा है कि संबंधित प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही हैं।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने CEC के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई है। वहीं भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के काम का समर्थन किया है।
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Election Commission: बयानबाजी से गरमाया राजनीतिक माहौल
ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की मांग और उस पर पवन खेड़ा की टिप्पणी ने चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को एक नया आयाम दे दिया है। एक तरफ भाजपा नेता CEC के काम की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दल उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल पद्म पुरस्कार देने का कोई औपचारिक निर्णय सामने नहीं आया है। शमिक भट्टाचार्य की टिप्पणी उनकी राजनीतिक राय और मांग के रूप में सामने आई है। वहीं पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया भी इसी राजनीतिक विवाद पर उनकी टिप्पणी है।