चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन अभी भी सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े से पीछे है।
बहुमत से अभी भी दूर TVK
234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का आंकड़ा जरूरी है। TVK ने करीब 108 सीटें जीती हैं और कांग्रेस के समर्थन के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 113 तक पहुंच गई है, लेकिन पार्टी अब भी बहुमत से 5 सीट पीछे है।
कांग्रेस का साथ, फिर भी अधूरी तस्वीर
कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे TVK को राहत जरूर मिली है। लेकिन यह समर्थन सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में पार्टी अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाने में लगी हुई है।
AIADMK से संपर्क की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस कमी को पूरा करने के लिए TVK ने AIADMK से भी संपर्क साधा है। हालांकि AIADMK के भीतर इस मुद्दे पर अभी सहमति नहीं बनी है और पार्टी नेतृत्व समर्थन देने को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
सरकार गठन पर सस्पेंस बरकरार
विजय ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है, लेकिन अभी तक स्पष्ट बहुमत नहीं दिखा पाने के कारण स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। अगर TVK जरूरी समर्थन जुटाने में सफल नहीं होती, तो राज्य में राजनीतिक अस्थिरता या फिर दोबारा चुनाव की स्थिति भी बन सकती है।
क्या होगा अगला कदम?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम हैं। TVK को या तो AIADMK या अन्य छोटे दलों का समर्थन हासिल करना होगा, तभी सरकार गठन का रास्ता साफ होगा।
निष्कर्ष
तमिलनाडु में इस बार का चुनाव नतीजा पारंपरिक राजनीति से अलग रहा है। TVK की मजबूत एंट्री ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं, लेकिन बहुमत से मामूली दूरी ने सरकार गठन को पेचीदा बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विजय किस तरह यह आंकड़ा पूरा करते हैं।