21 सेकंड में मलबे में बदल गई पांच मंजिला इमारत, CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर

दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके में गिना जाने वाला सत्य निकेतन रविवार सुबह चीखों से दहल उठा..  एक 5 मंजिला इमारत भरभरा कर गिर गई और मलबे में दबकर 2 छात्रों समेत 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इस हादसे का खौफनाक CCTV फुटेज अब सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे हंसता-खेलता  परिवार 21 सेकंड में कब्रगाह बन गया. इस हादसे को लेकर जो खुलासे हुए हैं, वो सिस्टम की लापरवाही की पोल खोल रहे हैं.

बता दें कि इमारत कोई नई नहीं, बल्कि करीब 40 साल पुरानी थी, जिसके बेसमेंट में लगातार पानी भरा रहता था और ऊपर अवैध तरीके से 2 मंजिलें और खड़ी कर दी गई थीं..

कैसे हुआ हादसा?  

सामने आए CCTV फुटेज में सुबह करीब 8:30 बजे का वक्त दिख रहा है.  गली में रोज की तरह हलचल है. तभी इमारत में अचानक कंपन होता है. पहले बेसमेंट की दीवारें चटकती हैं और देखते ही देखते पूरी 5 मंजिला बिल्डिंग एक तरफ झुकती है.

सिर्फ 21 सेकंड के अंदर पूरी इमारत धूल के गुबार के साथ जमींदोज हो जाती है. आसपास खड़े लोग जान बचाकर भागते हैं. बताया जा रहा है कि इस इमारत में PG चल रहा था, जिसमें ज्यादातर दिल्ली विश्वविद्यालय और साउथ कैंपस के छात्र रहते थे. हादसे के वक्त कई छात्र अंदर सो रहे थे. मलबा इतना भारी था कि NDRF और दिल्ली पुलिस को 8 घंटे तक रेस्क्यू चलाना पड़ा. साथ ही घायलों को तुरंत सफदरजंग और AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां 3 की हालत नाजुक बनी हुई है.

बड़े खुलासे – मौत की इमारत की पूरी कहानी.

40 साल पुरानी नींव पर 5 मंजिल का अवैध बोझ-  MCD की शुरुआती जांच में पता चला है कि ये बिल्डिंग करीब 40 साल पहले बनी थी और इसे सिर्फ 2 मंजिल तक की ही अनुमति थी, लेकिन मकान मालिक ने किराये के लालच में बिना नक्शा पास कराए इस पर 3 मंजिल और अवैध रूप से बना दी. PG में 30 से ज्यादा कमरे बना दिए गए थे.

वही स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इमारत के बेसमेंट में पिछले कई महीनों से सीवर का पानी भरा हुआ था. नींव लगातार कमजोर हो रही थी, जिसकी शिकायत कई बार MCD से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, यही जलभराव इस हादसे की सबसे बड़ी वजह ..

हादसे के बाद से इमारत का मालिक फरार है. दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है, वहीं MCD के दो जूनियर इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है.

फिलहाल पुलिस और MCD की टीम आसपास की ऐसी ही जर्जर और अवैध PG इमारतों का सर्वे कर रही है। सवाल यही है कि क्या हर हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?

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