PM Vishwakarma Yojana (लखनऊ):- देश के पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके हुनर को बाजार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य उन कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देना है, जो अपने पारंपरिक कौशल के जरिए आजीविका कमाते हैं, लेकिन पूंजी, आधुनिक तकनीक और बाजार तक पहुंच की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते।
अगर आप भी पारंपरिक कारीगरी से जुड़े हैं और इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले पात्रता, मिलने वाले लाभ और जरूरी शर्तों को समझना बेहद जरूरी है।
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PM Vishwakarma Yojana: कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को शामिल किया गया है। इनमें बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, राजमिस्त्री, मोची, नाई, धोबी, दर्जी, मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले, टोकरी/चटाई बनाने वाले और हथौड़ा-औजार बनाने वाले समेत कई पारंपरिक पेशे शामिल हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही आवेदक संबंधित पारंपरिक व्यवसाय में कार्यरत होना चाहिए। एक परिवार से सामान्यतः एक ही सदस्य को योजना का लाभ दिया जाता है।
PM Vishwakarma Yojana: क्या-क्या मिलते हैं फायदे?
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सबसे पहले पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और पहचान पत्र दिया जाता है। इसके साथ कारीगरों को अपने हुनर को बेहतर बनाने के लिए बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग की सुविधा भी मिलती है। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है। इसके अलावा टूलकिट खरीदने के लिए 15,000 रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध है।
कारीगरों को अपना काम बढ़ाने के लिए आसान शर्तों पर बिना गारंटी ऋण की सुविधा भी दी जाती है। योजना के तहत शुरुआती स्तर पर 1 लाख रुपये तक का ऋण और समय पर भुगतान करने पर आगे 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त ऋण मिल सकता है। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा मार्केटिंग में सहायता देने का भी प्रावधान है।
PM Vishwakarma Yojana: आवेदन से पहले क्या जानें?
आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पारंपरिक व्यवसाय योजना में शामिल है और आप निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं। आवेदन प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज और सत्यापन की आवश्यकता होती है।
PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे में अगर आपका काम योजना के दायरे में आता है, तो पात्रता और नियमों की जांच करके आवेदन करना आपके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकता है।