Bombay High Court (मुंबई):– बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार 22 सितंबर को दिए अपने आदेश में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंपोर्टेड निकोटीन पाउच की बिक्री पर लगे बैन को बरकरार रखा है। कोर्ट ने अदाणी ग्रुप की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया में स्थित ड्यूटी-फ्री शॉप्स भारतीय कानूनों से बाहर हैं।
यह मामला अप्रैल में शुरू हुआ था जब अधिकारियों ने कहा था कि अदाणी के मुंबई एयरपोर्ट शॉप्स ने अवैध रूप से निकोटीन पाउच स्टॉक और बिक्री की है, जो भारत में अप्रूव्ड नहीं हैं।
Bombay High Court: अदाणी की दलील क्या थी?
मुंबई ट्रैवल रिटेल लिमिटेड और फ्लेमिंगो ड्यूटी-फ्री, जो एयरपोर्ट पर ZYN और FOX ब्रांड के निकोटीन पाउच बेच रही थीं, ने तर्क दिया था कि उनकी दुकानें कस्टम बैरियर के पार हैं और ये प्रोडक्ट सिर्फ इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए हैं, इसलिए घरेलू कानून लागू नहीं होने चाहिए।
Bombay High Court: कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने इससे असहमति जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे सामान देश के कानून के अधीन होंगे और भले ही लेनदेन DFS (ड्यूटी फ्री शॉप्स) में, कस्टम बैरियर के पार हो, फिर भी लागू रेगुलेटरी व्यवस्था के तहत शासित होंगे कोर्ट ने यह भी साफ किया कि ड्यूटी-फ्री शॉप्स को जो छूट मिलती है, वो मुख्य रूप से कस्टम ड्यूटी और टैक्स से जुड़ी है। यह अन्य रेगुलेटरी कानूनों से पूरी छूट नहीं देती।
Supreme Court: वंदे मातरम् विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने खींची लक्ष्मण रेखा, देशभक्ति जबरन नहीं
Bombay High Court: सरकार का पक्ष
सरकारी अधिकारियों ने कोर्ट में कहा था कि निकोटीन पाउच स्टॉक करना ड्रग कानूनों का substantive violation और serious public health risk है। केंद्र सरकार इन्हें ड्रग मानती है। अदाणी ग्रुप ने कहा था कि निकोटीन पाउच ड्रग नहीं हैं और एक recent innovation हैं।
हालांकि, कोर्ट ने यह तय करने से इनकार कर दिया कि निकोटीन पाउच ड्रग है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि अदाणी अपनी बात ड्रग रेगुलेटर के सामने रख सकता है।