UNGA 2026 (न्यूयॉर्क): ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अमेरिका और इजरायल के आरोपों का जवाब देते हुए अपने देश को आतंकवाद का पीड़ित बताया। उन्होंने अपने भाषण के दौरान ईरान में मारे गए बच्चों की तस्वीरें भी दिखाईं और कहा कि ईरान ने करीब 200 वर्षों से किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया है। उनके इस बयान के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बैठक कक्ष से बाहर चला गया।
पेजेशकियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक दिन पहले दिए गए UN भाषण का जवाब देते हुए कहा कि ईरान को आतंकवादी बताना गलत है। उन्होंने दावा किया कि उनका देश लंबे समय से बाहरी हमलों का सामना करता रहा है और मौजूदा संघर्ष में ईरान ने अपनी रक्षा के लिए कार्रवाई की है। ये दावे ईरानी राष्ट्रपति के अपने बयान हैं और इनके सभी हिस्सों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
बच्चों की तस्वीरें दिखाकर दिया संदेश
भाषण के दौरान पेजेशकियन ने मिनाब शहर के एक स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने कोई अपराध नहीं किया था और ईरान पर हुए हमलों में निर्दोष नागरिक प्रभावित हुए। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, मिनाब स्कूल पर हुए हमले में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे।
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता को आत्मरक्षा के लिए जरूरी मानता है, न कि दूसरे देशों पर हमला करने के लिए।
UNGA 2026: बोले- बातचीत के लिए तैयार है ईरान
पेजेशकियन ने अपने भाषण में यह भी कहा कि ईरान कूटनीति और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह दबाव या सैन्य धमकी की भाषा स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बातचीत समान आधार पर होनी चाहिए।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने UNGA में ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और समझौता नहीं होने की स्थिति में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने छोड़ा सभागार
पेजेशकियन के भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक सदस्य अपनी सीट से उठा और सभागार से बाहर चला गया। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब ईरानी राष्ट्रपति अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना कर रहे थे।
पेजेशकियन ने अपने भाषण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका देश शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में परमाणु हथियारों को लेकर कथित दोहरे मानदंडों का मुद्दा उठाया।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता और बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सैन्य दबाव के सामने ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।