Lucknow Heavy Rain (लखनऊ): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कई इलाकों में जर्जर मकान, छत और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश के कारण शहर के साथ-साथ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी कई पुराने और कमजोर ढांचे प्रभावित हुए। कुछ घटनाओं में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई जगहों पर किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक, मोहनलालगंज क्षेत्र में बारिश से कमजोर हुआ एक मकान ढह गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लगातार बारिश के कारण इलाके में कई पुराने मकानों और दीवारों पर खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं।
कई इलाकों में मकान और दीवारें प्रभावित
लखनऊ के विभिन्न हिस्सों में बारिश के दौरान छत और दीवार गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। रहीमाबाद के चैनागांव में बारिश से कमजोर हुई एक दीवार गिरने के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों के मलबे में फंसने की सूचना मिली। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
भटौइया गांव में भी एक मकान गिरने से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा। वहीं मनकौती गांव में तेज हवा और बारिश के बीच अन्य मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई। इन घटनाओं ने बारिश के दौरान पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
Lucknow Heavy Rain: बारिश से जनजीवन प्रभावित
भारी बारिश का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहा। शहर के कई इलाकों में जलभराव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ। गोमती नगर एक्सटेंशन, आशियाना और एकाना स्टेडियम के आसपास पानी भरने से कई वाहन फंसने की घटनाएं सामने आईं। UP-112 को बारिश से जुड़ी करीब 40 शिकायतें मिलीं, जिसके बाद पुलिस, फायर सर्विस और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं।
बारिश के दौरान पेड़ गिरने और बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। प्रशासनिक और पुलिस टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रही हैं और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई कर रही हैं।
पुराने भवनों को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार बारिश के बीच पुराने और जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत सामने आई है। कैसरबाग स्थित करीब एक सदी पुराने होम्योपैथिक डिस्पेंसरी भवन के एक हिस्से की छत भी बारिश के दौरान गिर गई। जिस कमरे में छत गिरी, वह उस समय खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
भारी बारिश के बीच प्रशासन की चुनौती अब जलभराव के साथ-साथ कमजोर भवनों की निगरानी और प्रभावित लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाने की भी है। मौसम खराब रहने की स्थिति में पुराने मकानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।