PM Modi UPSC: ‘सरकार माई-बाप नहीं, नागरिक देवो भव’, UPSC के शताब्दी समारोह में PM मोदी ने बताई नई कार्यसंस्कृति

PM Modi UPSC (नई दिल्ली): संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए सार्वजनिक सेवा और प्रशासन की बदलती भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शासन का आधार ‘नागरिक देवो भव’ होना चाहिए और सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों की सेवा करना है।

‘नेशन फर्स्ट और सिटीजन फर्स्ट’ पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिविल सेवाओं में चयन के दौरान दो कसौटियों को ध्यान में रखना चाहिए—‘नेशन फर्स्ट’ और ‘सिटीजन फर्स्ट’। उनके अनुसार सार्वजनिक सेवा में ऐसे युवाओं को लाने की जरूरत है जो केवल सरकारी पद से आकर्षित न हों, बल्कि लोगों की सेवा करने की भावना रखते हों।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा में केवल यह नहीं देखा जाना चाहिए कि उम्मीदवार कितना जानता है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वह सिविल सेवा में क्यों आना चाहता है।

PM Modi UPSC: ‘माई-बाप सरकार’ से ‘नागरिक देवो भव’ तक

प्रधानमंत्री ने प्रशासन की पुरानी कार्यशैली और वर्तमान व्यवस्था के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पहले एक ऐसा दौर था जब सरकार को ‘माई-बाप’ माना जाता था। उन्होंने कहा कि अब ‘नागरिक देवो भव’ की भावना के साथ काम करने की जरूरत है।

मोदी ने इसे प्रो-पीपल और प्रो-एक्टिव गुड गवर्नेंस से जोड़ा। उनके अनुसार प्रशासन में ऐसे पेशेवरों की जरूरत है जो गरीबों की समस्याओं को समझें, समाधान खोजने में नवाचार का इस्तेमाल करें और देश की जरूरतों के अनुरूप निर्णय लें।

सिविल सेवकों में संवेदनशीलता और नवाचार जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कानूनों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अधिकारियों को यह भी समझना चाहिए कि किसी विशेष नियम या कानून का आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में संवेदनशीलता, समस्या समाधान और नवाचार को महत्वपूर्ण बताया।

सरकार की ओर से पहले भी ‘नागरिक देवो भव’ को नागरिक-केंद्रित प्रशासन से जोड़ा गया है। PIB के अनुसार इस दृष्टिकोण का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और नागरिकों के बीच संपर्क को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाना है।

Pakistan Afghanistan Airstrike: पाकिस्तान की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 22 आतंकियों के मारे जाने का दावा; काबुल ने बताया नागरिकों की मौत

PM Modi UPSC: परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर भी जोर

UPSC के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश तेजी से सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को भी समय की जरूरत के अनुसार बदलाव करना चाहिए।

उन्होंने परीक्षा को केवल एक आयोजन के तौर पर न देखने की बात कही, क्योंकि इसका सीधा संबंध युवाओं के भविष्य से है। प्रधानमंत्री के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया में अनावश्यक देरी उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है और इसलिए समय की निश्चितता को महत्व दिया जाना चाहिए।

क्षमता निर्माण और मिशन कर्मयोगी

पीएम मोदी ने UPSC और राज्य लोक सेवा आयोगों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने मिशन कर्मयोगी के तहत विकसित iGOT प्लेटफॉर्म का उपयोग अधिकारियों और टीमों की क्षमता बढ़ाने के लिए करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सिविल सेवा में आने वाले युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके मुताबिक चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया का उद्देश्य युवाशक्ति को राष्ट्रशक्ति में बदलने में योगदान देना होना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *