जंतर मंतर प्रदर्शन: महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार पर राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस को घेरा, CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग

 

जंतर मंतर प्रदर्शन (नई दिल्ली): दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ संबंधित CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि हाल के घटनाक्रम में महिलाओं की शिकायतों और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर से जुड़े प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया और कुछ महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने विशेष रूप से साकेत पुलिस थाने के CCTV फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग की।

यह मामला उस प्रदर्शन से जुड़ा है जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध किया गया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली इलाके में लागू BNSS की धारा 163 के तहत लोगों से प्रदर्शन स्थल खाली करने को कहा गया था। पुलिस का कहना है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने इस बीच तीन महिला पत्रकारों की शिकायत मिलने की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, इन महिलाओं ने हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार की शिकायत की। शिकायतों के बाद मेडिकल जांच कराई गई और मामलों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। पुलिस ने संबंधित घटना से जुड़ी वीडियो फुटेज रखने वाले लोगों से उसे जांच एजेंसी के साथ साझा करने की अपील भी की है।

रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से भी सवाल उठाए गए। कुछ पत्रकार और अन्य लोग पुलिस थाने के बाहर शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई की मांग को लेकर जुटे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

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राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले पर जवाब देने की मांग की है। उनका तर्क है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को भेजकर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी उपलब्ध CCTV फुटेज, शिकायतकर्ताओं के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी। फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस जांच के नतीजे का इंतजार है।

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