Nasha Mukt Bharat: दिल्ली-NCR मे ं मानसिक स्वास्थ्य पर खुली बात, भांग को लेकर भी मंथन; जागरूकता और सही इलाज पर जोर

Nasha Mukt Bharat: नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अब खुलकर बातचीत और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और नशे से जुड़ी समस्याओं को समय रहते पहचानने और सही उपचार तक पहुंच बनाने को लेकर विशेषज्ञों और संस्थानों की सक्रियता बढ़ी है। इसी कड़ी में मानसिक स्वास्थ्य के साथ भांग और अन्य नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़े संभावित प्रभावों पर भी चर्चा महत्वपूर्ण हो गई है।

हाल ही में AIIMS नई दिल्ली ने दिल्ली में नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे-2 (NMHS-2) शुरू किया है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बोझ, इलाज की जरूरत और लोगों तक उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को समझना है। इसके साथ Mental Health System Assessment भी किया गया, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, अस्पतालों के ढांचे, जरूरी दवाओं, प्रशिक्षण और जागरूकता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

मानसिक स्वास्थ्य पर बात करना क्यों जरूरी?

Nasha Mukt Bharat: विशेषज्ञों के अनुसार मानसिक परेशानी को लंबे समय तक छिपाने या नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है। लगातार तनाव, नींद में बदलाव, भूख में कमी या बढ़ोतरी, सामाजिक दूरी, बेचैनी और व्यवहार में अचानक बदलाव जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

दिल्ली में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों में युवाओं को भी शामिल किया जा रहा है। हाल ही में CBSE के एक इंटरैक्टिव टॉकाथॉन में AIIMS विशेषज्ञों ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए मानसिक स्वास्थ्य, साथियों के दबाव और नशे से बचाव जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

भांग के सेवन को लेकर भी सावधानी

Nasha Mukt Bharat: भांग को लेकर चर्चा केवल सामाजिक या कानूनी पहलू तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके स्वास्थ्य प्रभावों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। दिल्ली-NCR में सामने आए एक हालिया दुर्लभ मामले में 23 वर्षीय युवक को भांग सेवन के करीब छह से आठ घंटे बाद ब्रेन हैमरेज के लक्षण दिखाई दिए। डॉक्टरों ने जांच में दिमाग के दोनों तरफ बेसल गैन्ग्लिया में रक्तस्राव पाया। रिपोर्ट में अन्य प्रमुख कारण नहीं मिलने की बात सामने आई है

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हालांकि किसी एक मामले के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भांग का सेवन सीधे तौर पर हर व्यक्ति में ऐसी स्थिति पैदा करता है। लेकिन यह मामला नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर सावधानी और चिकित्सकीय जागरूकता की जरूरत जरूर बताता है।

जागरूकता से बेहतर हो सकती है स्थिति

Nasha Mukt Bharat: मानसिक स्वास्थ्य और नशे की समस्या से निपटने के लिए समय पर पहचान, परिवार का सहयोग, विशेषज्ञ की सलाह और जरूरत पड़ने पर उपचार जरूरी है। दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स भी नशे के खिलाफ जागरूकता, मांग में कमी और उपचार-सहायता पर जोर देती है।

कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बदलता नजरिया इस बात का संकेत है कि अब परेशानियों को छिपाने के बजाय उन पर खुलकर बात करने की जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य और नशे से जुड़े मुद्दों पर सही जानकारी ही समय रहते मदद लेने की दिशा में पहला कदम बन सकती है।

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