Yoga for Digestion: नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, लगातार स्क्रीन देखना और खराब पोस्चर शरीर पर असर डाल सकता है। इसका प्रभाव खासतौर पर गर्दन, कंधों, रीढ़ और श्वसन तंत्र पर दिखाई देता है। ऐसे में नियमित योग और शारीरिक गतिविधि को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है। हठयोग का मत्स्यासन भी ऐसा ही एक आसन है, जिसे शरीर में खिंचाव, बेहतर पोस्चर मानसिक शांति के लिए उपयोगी माना जाता है।
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मछली जैसी बनती है शरीर की मुद्रा
Yoga for Digestion: ‘मत्स्य’ का अर्थ मछली होता है। इस आसन की अंतिम स्थिति में शरीर की आकृति मछली जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे मत्स्यासन कहा जाता है। आयुष मंत्रालय के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की सामग्री के अनुसार, इस आसन में पीछे की ओर झुकते हुए छाती को ऊपर उठाया जाता है और गर्दन में खिंचाव आता है।
तनाव और मानसिक थकान में मदद
Yoga for Digestion: मत्स्यासन के दौरान गहरी और नियंत्रित सांस लेने पर शरीर को आराम देने में मदद मिल सकती है। योग अभ्यास को तनाव और मानसिक बेचैनी को कम करने वाली जीवनशैली गतिविधियों में शामिल किया जाता है। हालांकि, गंभीर चिंता या अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में योग को चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
पाचन के लिए भी उपयोगी
Yoga for Digestion: मत्स्यासन में पेट और छाती के आसपास खिंचाव आता है। आयुष से जुड़ी योग सामग्री में इसे आंतों और पेट के अंगों में खिंचाव देने वाला आसन बताया गया है, जो पाचन संबंधी परेशानी में सहायक हो सकता है। हालांकि कब्ज, एसिडिटी या किसी अन्य बीमारी के लगातार लक्षण रहने पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
थायराइड को लेकर क्या कहता है योग?
Yoga for Digestion: मत्स्यासन में गर्दन के हिस्से में विशेष खिंचाव आता है। आयुष की सामग्री में इस खिंचाव को थायराइड ग्रंथि के कार्य को नियंत्रित करने में सहायक बताया गया है। हालांकि वैज्ञानिक शोधों में योग और थायराइड हार्मोन के बीच प्रभाव को लेकर परिणाम पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। इसलिए थायराइड की दवा लेने वाले व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
कैसे करें मत्स्यासन?
Yoga for Digestion: इसे सामान्य तौर पर पीठ के बल लेटकर और कोहनियों की मदद से ऊपरी शरीर को ऊपर उठाते हुए किया जाता है। इसके बाद गर्दन को नियंत्रित तरीके से पीछे ले जाकर सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन के करीब रखा जाता है। शुरुआत करने वालों को किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की निगरानी में इसका अभ्यास करना बेहतर है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
Yoga for Digestion: गर्दन, रीढ़ या कंधे में चोट, गंभीर स्पाइनल समस्या, हर्निया, पेप्टिक अल्सर या कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में मत्स्यासन से बचने या विशेषज्ञ की सलाह लेने की जरूरत हो सकती है। गर्भावस्था में भी बिना चिकित्सकीय या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह के यह आसन नहीं करना चाहिए।
कुल मिलाकर, मत्स्यासन को तनाव कम करने, शरीर में लचीलापन बढ़ाने, पोस्चर सुधारने और पाचन संबंधी स्वास्थ्य को सपोर्ट करने वाले योग अभ्यास के तौर पर दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। लेकिन इसे किसी बीमारी का निश्चित इलाज मानने के बजाय समग्र स्वास्थ्य और नियमित व्यायाम का एक हिस्सा समझना ज्यादा उचित है।