Middle East Tensions: सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव खत्म कराने को तैयार ईरान, बातचीत के जरिए समाधान पर दिया जोर

Middle East Tensions: सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव कम कराने को तैयार ईरान

(तेहरान): मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष को बातचीत के जरिए सुलझाने में मदद करने की इच्छा जताई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि क्षेत्र में जारी हिंसा किसी के हित में नहीं है और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए जाने चाहिए।

ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब में हाल के हमलों के बाद सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। तेहरान ने क्षेत्रीय देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की बात कही है।

ईरान ने बातचीत को बताया जरूरी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ईरान अरब प्रायद्वीप में हो रही घटनाओं को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा कि उनका देश दोनों पक्षों के बीच संवाद को आसान बनाने के लिए कूटनीतिक प्रयास करने को तैयार है।

बघाई के मुताबिक, संघर्ष को बातचीत और आपसी सहमति से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक परिणाम हो सकते हैं। ईरान का कहना है कि लगातार जारी संघर्ष से क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचेगा।

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Middle East Tensions: सऊदी और ईरानी विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत

तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सऊदी अरब के विदेश मंत्री के बीच फोन पर बातचीत भी हुई। इस संपर्क में क्षेत्र के हालात और बढ़ते तनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

ईरान ने कहा है कि क्षेत्रीय देशों के साथ उसकी बातचीत जारी है। तेहरान का जोर इस बात पर है कि सैन्य टकराव के बजाय राजनीतिक समाधान तलाशा जाए। हालांकि, बातचीत की पेशकश के बावजूद संघर्ष समाप्त होने या किसी नए समझौते पर सहमति बनने की पुष्टि नहीं हुई है।

यमन संघर्ष के लिए पहले से मौजूद रोडमैप का जिक्र

ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि यमन और सऊदी अरब के बीच संघर्ष को पहले ही सहमति और रोडमैप के जरिए सुलझाया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि ईरान ऐसे समझौतों के क्रियान्वयन का समर्थन करता है, जिनसे दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित हो सके।

यमन का संघर्ष लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा का अहम मुद्दा रहा है। सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ने से आसपास के देशों की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं।

Middle East Tensions: रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद बढ़ी चिंता

सऊदी अरब में हालिया हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई। सऊदी विमानन प्राधिकरण के शुरुआती विवरण में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। बाद में भारतीय दूतावास ने हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की।

इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा। ईरान ने मौजूदा हालात के बीच कूटनीतिक बातचीत की जरूरत दोहराई है।

फिलहाल, ईरान की पेशकश को क्षेत्रीय तनाव कम करने की एक कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी ठोस समझौते या औपचारिक वार्ता की सफलता के लिए संबंधित पक्षों की सहमति और आगे की बातचीत अहम होगी।

सोर्स: ANI (Asian News International)

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