दक्षिण रेलवे ने जारी किए निर्देश, 20 अक्टूबर तक जागरूकता अभियान चलाने का आदेश
नई दिल्ली। ट्रेन में मोबाइल फोन के स्पीकर पर तेज आवाज में गाने सुनना, वीडियो या रील चलाना और फोन पर जोर-जोर से बात करना अब भारी पड़ सकता है। दक्षिण रेलवे ने यात्रियों को होने वाली असुविधा रोकने के लिए ऐसे व्यवहार के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। रेलवे ने यात्रियों से सफर के दौरान ईयरफोन का इस्तेमाल करने और दूसरे यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की है।
₹1,000 तक जुर्माना, दोबारा उपद्रव पर जेल का प्रावधान
दक्षिण रेलवे के निर्देशों के मुताबिक, ट्रेन या रेलवे परिसर में शोर मचाकर दूसरे यात्रियों को परेशान करने पर रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। अधिकृत रेलवे कर्मचारी ऐसे मामलों में ₹1,000 तक का जुर्माना लगा सकते हैं। नियमों के तहत संबंधित परिस्थितियों में यात्री को ट्रेन या रेलवे परिसर से हटाने और टिकट या पास से जुड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान है।
यदि रेलवे कर्मचारी के रोकने के निर्देश के बावजूद कोई यात्री उपद्रव जारी रखता है, तो उसे छह महीने तक की साधारण कैद, ₹5,000 तक जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यह कार्रवाई लागू कानूनी प्रावधानों और मामले की परिस्थितियों के अनुसार होगी।
20 अक्टूबर तक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
दक्षिण रेलवे ने अपने संबंधित मंडलों को निर्देश दिया है कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय भाषाओं के साथ हिंदी और अंग्रेजी में घोषणाएं करने तथा सूचना संबंधी नोटिस लगाने को कहा गया है। मंडलों को 20 अक्टूबर 2026 तक कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी है।
सफर में इन बातों का रखें ध्यान
- मोबाइल पर गाने, वीडियो और रील सुनने या देखने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करें।
- फोन पर तेज आवाज में बात करने से बचें।
- दूसरे यात्रियों की नींद और आराम का ध्यान रखें।
- रेलवे कर्मचारी के निर्देशों का पालन करें।
रेलवे की इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को शांतिपूर्ण और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है। इसलिए यात्रा के दौरान मनोरंजन करते समय दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना भी जरूरी है।