मुंबई। बॉलीवुड में कई गाने आते हैं, लोकप्रिय होते हैं और फिर समय के साथ लोगों की यादों से धुंधले पड़ जाते हैं। लेकिन कुछ गीत ऐसे होते हैं जो पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में जिंदा रहते हैं। ऐसा ही एक गीत है ‘कल हो ना हो’, जिसे मशहूर गायक सोनू निगम ने अपनी दिल छू लेने वाली आवाज में गाया था। 23 साल बाद भी यह गाना करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा, सुकून और जिंदगी को बेहतर तरीके से जीने का संदेश बना हुआ है।
साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘कल हो ना हो’ का यह टाइटल ट्रैक उस दौर के सबसे लोकप्रिय गीतों में शामिल रहा। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शाहरुख खान, प्रीति जिंटा और सैफ अली खान नजर आए थे। गाने को संगीतकार तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय ने संगीतबद्ध किया था, जबकि इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे थे।
इस गीत की सबसे बड़ी खासियत इसका संदेश है। गाना जिंदगी की अनिश्चितताओं के बीच हर पल को खुलकर जीने की सीख देता है। यही वजह है कि यह गीत सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं बल्कि लाखों लोगों के लिए जीवन दर्शन बन गया। दुख, तनाव या मुश्किल परिस्थितियों में भी लोग इस गीत को सुनकर सकारात्मक ऊर्जा महसूस करते हैं।
सोनू निगम की भावपूर्ण गायकी ने इस गीत को अमर बना दिया। कहा जाता है कि फिल्म निर्माता इस गाने के लिए सोनू निगम की आवाज ही चाहते थे और उनके लौटने का इंतजार भी किया गया था। बाद में यह गीत इतना लोकप्रिय हुआ कि इसके लिए सोनू निगम को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले।
आज भी सोशल मीडिया, संगीत मंचों और लाइव कॉन्सर्ट्स में ‘कल हो ना हो’ की लोकप्रियता बरकरार है। नई पीढ़ी भी इस गीत को उतना ही पसंद करती है जितना दो दशक पहले के श्रोता करते थे। यही वजह है कि 23 साल बाद भी यह गाना लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।
संगीत प्रेमियों का मानना है कि कुछ गीत समय के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। ‘कल हो ना हो’ ऐसा ही एक गीत है, जो हर बार सुनने पर जिंदगी को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देता है और याद दिलाता है कि हर पल की अपनी अहमियत होती है।
23 साल बाद भी सोनू निगम की आवाज में गूंजता यह गीत सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि जिंदगी को मुस्कुराकर जीने का संदेश है।