मेक्सिको सिटी। FIFA World Cup 2026 में शानदार प्रदर्शन कर नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली Mexico की टीम की उपलब्धि उस समय विवादों में घिर गई, जब उसके प्रशंसकों द्वारा मैच के दौरान समलैंगिक विरोधी नारे लगाए गए। Czech Republic (चेकिया) के खिलाफ ग्रुप चरण के मुकाबले में यह नारेबाजी सुनाई दी, जिसके बाद एक बार फिर फीफा के अनुशासनात्मक कदमों की चर्चा शुरू हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, मैच के पहले हाफ के अंतिम चरण में जब चेकिया के गोलकीपर मातेय कोवार गोल किक लेने पहुंचे, तब स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शकों ने विवादित नारा लगाया। यह वही नारा है, जिसके कारण मैक्सिकन फुटबॉल महासंघ को अतीत में कई बार जुर्माना और अन्य प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है।
फीफा लंबे समय से भेदभावपूर्ण और घृणा फैलाने वाले नारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाता रहा है। हाल ही में खेल पंचाट (CAS) ने भी मैक्सिको के प्रशंसकों द्वारा लगाए गए ऐसे नारों के मामले में फीफा द्वारा लगाए गए जुर्मानों को बरकरार रखा था।
विडंबना यह है कि विश्व कप के दौरान फीफा ने “हम साथ खेलते हैं, हम नफरत के खिलाफ खड़े हैं” जैसे अभियानों के माध्यम से भेदभाव और घृणा के खिलाफ संदेश भी दिया था।
मैक्सिको पहले ही ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर नॉकआउट चरण में पहुंच चुका है और उसकी जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा था। हालांकि, प्रशंसकों की इस हरकत ने टीम की उपलब्धि पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब यह देखना होगा कि फीफा इस मामले में कोई नई कार्रवाई करता है या नहीं।