नई दिल्ली। FIFA World Cup 2026 में अब तक खेले गए मुकाबलों ने फुटबॉल प्रेमियों को रोमांच से भर दिया है। टूर्नामेंट के आधे से अधिक मैच पूरे हो चुके हैं और गोलों की रफ्तार इतनी तेज है कि कई दशकों पुराने रिकॉर्ड खतरे में दिखाई दे रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, विश्व कप 2026 ने महज 33 मैचों में 100 गोल का आंकड़ा छू लिया था। यह 1958 के बाद सबसे तेज गति से 100 गोल तक पहुंचने वाला विश्व कप बन गया है।
सबसे ज्यादा चर्चा एक विश्व कप में सर्वाधिक गोल के रिकॉर्ड को लेकर हो रही है। फ्रांस के महान खिलाड़ी Just Fontaine ने 1958 विश्व कप में केवल 6 मैचों में 13 गोल दागे थे। यह रिकॉर्ड पिछले 68 वर्षों से अटूट बना हुआ है।
इस बार कई स्टार खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। Lionel Messi, Kylian Mbappe, Vinicius Junior और अन्य दिग्गज गोल्डन बूट की दौड़ में बने हुए हैं। ब्राजील के विनीसियस जूनियर ने लगातार तीन ग्रुप मैचों में गोल कर 24 साल पुराना ब्राजीली रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
वहीं, अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी विश्व कप इतिहास के सर्वकालिक गोल स्कोरर बनने की ओर बढ़ चुके हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार मेसी 18 विश्व कप गोल के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं, जबकि किलियन एम्बाप्पे भी रिकॉर्ड पुस्तकों में तेजी से ऊपर चढ़ रहे हैं।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 विश्व कप के विस्तारित प्रारूप में टीमों को पहले से अधिक मैच खेलने का अवसर मिल रहा है। ऐसे में किसी खिलाड़ी के लिए एक ही टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल के रिकॉर्ड को चुनौती देने की संभावना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
अब सभी की निगाहें नॉकआउट चरण पर टिकी हैं। यदि मौजूदा गोल स्कोरिंग रफ्तार बरकरार रही तो 1958 से कायम जस्ट फॉन्टेन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड पहली बार गंभीर खतरे में पड़ सकता है। फुटबॉल जगत को इंतजार है कि क्या 2026 का विश्व कप इतिहास के सबसे बड़े गोल रिकॉर्ड का गवाह बनेगा।